Rajasthan News: प्रदेश में किसान करेगें 14 और 15 अक्टूबर को खाजूवाला और अनूपगढ़ में चक्काजाम
Rajasthan News: प्रदेश में किसान करेगें 14 और 15 अक्टूबर को खाजूवाला और अनूपगढ़ में चक्काजाम
छोटा अखबार।
राजस्थान के सीमावर्ती इलाके खाजूवाला और अनूपगढ़ से किसान आंदोलन को लेकर खबर सामने आ रही है। पानी की मांग और स्थानीय मुद्दों को लेकर आक्रोशित किसानों और प्रशासन के बीच रातभर चला वार्ताओं का दौर बेनतीजा रहा है, जिसके बाद दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी है। प्रशासन की ओर से किसानों को मनाने के तमाम प्रयास विफल रहे, जिसके चलते आंदोलन ने अब और अधिक उग्र रूप ले लिया है। वार्ता टूटने से नाराज किसान संगठनों ने अब सरकार और प्रशासन के खिलाफ खाजूवाला से लेकर अनूपगढ़ तक आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम को प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में जिला प्रशासन के आला अधिकारी और पुलिस महकमे के सीनियर ऑफिसर्स मौजूद थे। किसानों की मुख्य मांग सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता और क्षेत्र की कुछ अन्य स्थानीय समस्याओं का समाधान करना है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त करने का प्रयास किया और बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की, लेकिन किसान संगठन किसी भी ठोस लिखित आश्वासन से कम पर तैयार नहीं थे। यह बातचीत पूरी रात रुक-रुक कर चलती रही, लेकिन सुबह होते-होते सहमति की उम्मीदें पूरी तरह से टूट गईं। किसान नेताओं का आरोप है कि सरकार और प्रशासन केवल समय काटना चाहते हैं और उनकी वाजिब मांगों पर कोई गंभीर कदम नहीं उठा रहे हैं।
वार्ता विफल होने के बाद किसान संगठनों ने महापंचायत की और आगामी रणनीति साझा की। किसान नेताओं ने कहा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है, इसलिए 14 और 15 अक्टूबर को खाजूवाला से अनूपगढ़ तक पूरी तरह से चक्काजाम किया जाएगा। इस दौरान सभी प्रमुख राजमार्गों, लिंक सड़कों और मुख्य चौराहों को जाम किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाएगी। किसान संगठनों ने स्थानीय व्यापारियों, आम जनता और ट्रांसपोर्टरों से भी इस बंद को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की है।
किसानों के इस आर-पार के ऐलान के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। खाजूवाला, अनूपगढ़ और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया जा रहा है। खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि स्थिति पर पैनी नजर रखी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि वे अभी भी शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत के रास्ते खुले रख रहे हैं, लेकिन यदि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की कोशिश की गई, तो सख्ती बरती जाएगी। फिलहाल, सबकी नजरें 14 और 15 अक्टूबर को होने वाले इस बड़े घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

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