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Showing posts from May 29, 2020

प्रवासी मजदुर ने मांगा भोजन तो आईएएस ने कहा कूद जाइये ट्रेन से 

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प्रवासी मजदुर ने मांगा भोजन तो आईएएस ने कहा कूद जाइये ट्रेन से   छोटा अखबार। प्रवासी मजदूर ने एपी सिंह को कहा हम लोग झारखंड के प्रवासी मजदूर बोल रहे हैं। स्पेशल ट्रेन से वापस आ रहे हैं सर, सुबह से खाना नहीं मिला है, भूख से परेशान हो गए हैं हम लोग। तो एपी सिंह बोले अच्छा, खाना रेलवे को देना है, रेलवे देगा खाना। मजदूर ने फिर कहा तो कब देगा सर, सुबह में खाली एक पैकेट ब्रेड, एक केला और एक बोतल पानी दिया है, उसी में दिन भर काटना पड़ रहा है सर, कैसे क्या करें। फिर एपी सिंह बोले कूद जाइये वहां से,और क्या करिएगा। देश में जारी लोकडाउन से परेशानियां झेल रहे प्रवासी मजदूरों का घर वापसी का दौर जारी है। विभिन्न क्षेत्रों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों की पीड़ा पर संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को इस मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिये है। कोर्ट ने कहा कि ट्रेन या बस से यात्रा करने वाले किसी भी प्रवासी मजदूर से किराया नहीं लिया जाएगा। उसे रेलवे और राज्य सरकारें आपस में वहन करें। जब तक लोग ट्रेन या बस के लिए इंतजार कर रहे होंगे उस दौरान संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश उन्हें भोजन मुहैय

देश में लोकडाउन के कारण लूट के साथ आत्महत्याओं का दौर शुरू

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देश में लोकडाउन के कारण लूट के साथ आत्महत्याओं का दौर शुरू छोटा अखबार। देश में जारी लोकडाउन से उपजी बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्याओं का सिलसिला शुरू हो गया है। इस का ताजा उदाहरण उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में देखने को मिला है। यहां आर्थिक तंगी से परेशान दो लोगों की आत्महत्या है। समाचार सूत्रों के अनुसार मटौंध थाना प्रभारी निरीक्षक रामेंद्र तिवारी ने बताया कि लोहरा गांव के मजदूर सुरेश (22) ने बुधवार को एक पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वे लॉकडाउन में दिल्ली फंस गए थे और पांच दिन पहले ही अपने गांव लौटे थे। मृत युवक के परिजनों के अनुसार सुरेश दिल्ली से लौटने के बाद आर्थिक तंगी से परेशान थे। उनके पास खर्चे के लिए पैसे नहीं थे। जिसके चलते उसने फांसी लगा ली। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है और घटना की जांच की जा रही है। कुछ इसी तरह की घटना पैलानी थाना क्षेत्र के सिंधन कलां गांव में घटी। दस दिन पहले मुंबई से लौटे मनोज (20) ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मनोज के माता—पिता की पहले मौत हो चुकी थी और परिवार में वो अकेले ही ​थे। पड़ोसियों का कहना है कि मनोज