Rajasthan Assembly News: राजसथान विधानसभा की निजता भंग— लोकतंत्र के मंदिर में 'रील-बाज़ी'
Rajasthan Assembly News: राजसथान विधानसभा की निजता भंग— लोकतंत्र के मंदिर में 'रील-बाज़ी' छोटा अखबार। राजस्थान विधानसभा आज 'लोकतंत्र का मंदिर' कम और सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं का 'शूटिंग स्टूडियो' ज़्यादा लगने लगी है। जिस जगह की सुरक्षा के नाम पर परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहाँ एक गैर-संवैधानिक व्यक्ति (शंकर गोरा) अपने हुजूम के साथ ऐसे टहलता है जैसे अपने घर के ड्राइंग रूम में घूम रहा हो। यह न केवल सुरक्षा में सेंध है, बल्कि उन सभी कायदे-कानूनों के मुँह पर तमाचा है जिनका हवाला देकर आम जनता को गेट के बाहर रोक दिया जाता है। सुरक्षा का मखौल या वीआईपी सर्कस— विधानसभा की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी क्या केवल आम आदमी का गला पकड़ने के लिए हैं? जब एक रसूखदार नेता फोन लहराते हुए स्पीकर के ऑफिस तक घुस गया, तब सुरक्षा प्रोटोकॉल क्या सो रहा था? यह वीडियो चीख-चीख कर कह रहा है कि यहाँ 'कानून का राज' नहीं, बल्कि 'पहुँच का राज' चलता है। अगर कल को कोई इसी तरह बिना रोक-टोक संवेदनशील दस्तावेज तक पहुँच जाए, तो ज़िम्मेदारी किसकी होगी? संविधान की किताब पर रसूख का ज...