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Showing posts from November 3, 2020

संविधान के अनुच्छेद 254 (2) का प्रयोग करते हुए, कृषक विधेयक ध्वनिमत से पारित

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संविधान के अनुच्छेद 254 (2) का प्रयोग करते हुए, कृषक विधेयक ध्वनिमत से पारित छोटा अखबार। राजस्थान विधानसभा ने सोमवार को कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2020 तथा कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2020, ध्वनिमत से पारित कर दिया है। विधि मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने विधेयक को चर्चा के लिए सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक पर सदन में हुई चर्चा के बाद विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों को बताया। मंत्री ने बताया कि भारत का अन्नदाता अपनी जमीन को पुत्र से भी ज्यादा प्रेम करता है। किसान के खिलाफ  केन्द्र सरकार के बनाए कृषि कानूनों से पूरा देश 2014 के भू-अधिग्रहण अधिनियम की भांति आंदोलित है। कोविड महामारी भी जिस किसान की जीडीपी को नहीं गिरा पाई उसे ऎसे कानून गिराने पर तुले हैं। बडे पूंजीपतियों के आने से छोटे व फुटकर व्यापारी, दुकानदार समाप्त हो जायेंगे जो कि विपरीत प्रभावकारी साबित होगा। ये कानून उद्योगपतियों को कृषि क्षेत्र में प्रवेश कराने का षड़यंत्र है जो किसानों को जमीन व जिंदगी बेचने पर मजबूर करेंग

किसान हित में सिविल प्रक्रिया संहिता विधेयक, 2020 ध्वनिमत से पारित

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किसान हित में सिविल प्रक्रिया संहिता विधेयक, 2020 ध्वनिमत से पारित छोटा अखबार। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को राजस्थान महामारी (संशोधन) विधेयक, 2020, और सिविल प्रक्रिया संहिता (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2020 ध्वनिमत से पारित कर दिए। सिविल प्रक्रिया संहिता (राजस्थान संशोधन) विधेयक,2020 को लेकर विधि मंत्री धारीवाल ने बताया कि सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908  का केन्द्रीय अधिनियम सं. 5) की विद्यमान धारा 60 ऎसी सम्पत्ति, जो कि डिक्री के निष्पादन में कुर्क और विक्रय की जा सकेगी, के लिए उपबंध करती है । इस धारा का परंतुक कतिपय विशिष्ट वस्तुओं, जिन्हें कुर्क या विक्रय नहीं किया जा सकेेगा, के लिए उपबंध करता है।  राज्य के कृषकों के हितों और उनकी आजीविका का संरक्षण करने के लिए यह विनिश्चय किया गया है कि यदि निर्णीत-ऋणी कृषक है तो उसकी पांच एकड़ तक की कृषि भूमि को कुर्क या उसका विक्रय नहीं किया जा सकेगा। तद्नुसार सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 60 को संशोधित कर सिविल प्रक्रिया संहिता (राजस्थान संशोधन) विधेयक, 2020  ध्वनिमत से पारित किया गया।  इससे पहले सदन ने विधेयक को जनमत जानने के लिए