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Showing posts from April 18, 2026

Rajasthan News: राजस्थान में जनगणना 2027 का शंखनाद: 1 मई से शुरू होगी स्व-गणना, 1.60 लाख कर्मचारी संभालेंगे मोर्चा

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Rajasthan News: राजस्थान में जनगणना 2027 का शंखनाद: 1 मई से शुरू होगी स्व-गणना, 1.60 लाख कर्मचारी संभालेंगे मोर्चा छोटा अखबार। देश में 16 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद होने जा रही जनगणना की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। राजस्थान में जनगणना-2027 के पहले चरण (मकान सूचीकरण) के लिए प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह तैयार हो चुका है। जनगणना कार्य निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक के अनुसार, इस बार की जनगणना तकनीक और सुगमता पर केंद्रित होगी।  AI Photo डिजिटल माध्यम से स्व-गणना की सुविधा— इस बार आमजन को स्व-गणना का विकल्प दिया गया है। 1 मई से जनगणना पोर्टल खुलते ही नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। मल्लिक ने स्पष्ट किया कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार की स्व-गणना संभव होगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 'H' अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की एक विशिष्ट 'एसई आईडी' जारी की जाएगी। यह आईडी भविष्य में सत्यापन के लिए अनिवार्य होगी। 15 मई से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक— स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के बाद, 15 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे। जिन परिवारों ने स्व-गणना कर ली...

Rajasthan News: प्रदेश में रीको ने उप-विभाजन के नए नियम किए लागू, निवेशकों को होगा लाभ

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Rajasthan News: प्रदेश में रीको ने उप-विभाजन के नए नियम किए लागू, निवेशकों को होगा लाभ  छोटा अखबार। राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रीको ने बड़े औद्योगिक भूखण्डों के उप-विभाजन को सशर्त मंजूरी प्रदान कर दी है। इस निर्णय के तहत अब रीको के आवंटी अपने बड़े भूखण्ड छोटे हिस्सों में विभाजित कर विक्रय कर सकेंगे। रीको ने डिस्पोजल ऑफ लैंड रूल्स, 1979 के नियम 17 (ई) को पुनः लागू करते हुए यह व्यवस्था की गई है कि 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भूखण्डों का उप-विभाजन किया जा सकेगा। उप-विभाजन के बाद प्रत्येक उप-विभाजित भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल 500 वर्गमीटर रहेगा। निर्धारित शर्तों के अनुसार, भूखण्ड का उप-विभाजन भूमि आवंटन के 7 वर्ष बाद ही किया जा सकेगा और संबंधित भूखण्ड विवाद रहित होना चाहिए। उप-विभाजन की प्रक्रिया के तहत आवेदक को प्रस्तावित लेआउट प्लान रीको में जमा कराना होगा, जिसे लैंड प्लान कमेटी से अनुमोदित कराया जाएगा। यदि भूखण्ड पर किसी बैंक या वित्तीय संस्थान का ऋण है, तो उसकी एनओसी भी आवश्यक होगी। रीको ने स्पष्ट किया है कि उ...

Rajasthan News: प्रदेश में भीषण गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए सरकार ने चिकित्सा संस्थानों में किया पुख्ता इंतजाम

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Rajasthan News: प्रदेश में भीषण गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए सरकार ने चिकित्सा संस्थानों में किया पुख्ता इंतजाम   छोटा अखबार। प्रदेश में आगामी दिनों में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने चिकित्सा सेवाओं को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेशभर में हीटवेव प्रबंधन और मौसमी बीमारियों की स्थिति की समीक्षा की। इमरजेंसी के लिए विशेष इंतजाम— प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी चिकित्सा संस्थानों में लू-तापघात से पीड़ित मरीजों के तत्काल उपचार के लिए विशेष 'हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट कॉर्नर' स्थापित किए जाएं। इन कॉर्नर्स में आवश्यक दवाएं, ओआरएस घोल, ड्रिप और जांच की सुविधाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इमरजेंसी सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों के लिए शीतल पेयजल और छाया की व्यवस्था— श्रीमती राठौड़ ने चिकित्साधिकारियों को 'प्रो-एक्टिव अप्रो...

Jaipur News: जयपुर में 'राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026' का भव्य आगाज़, 26 अप्रैल तक शुद्ध मसालों की महक से महकेगा जवाहर कला केन्द्र

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Jaipur News: जयपुर में 'राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026' का भव्य आगाज़, 26 अप्रैल तक शुद्ध मसालों की महक से महकेगा जवाहर कला केन्द्र  छोटा अखबार। गुलाबी नगरी के निवासियों के लिए शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मसालों का पसंदीदा केंद्र 'राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026' शुक्रवार से शुरू हो गया। जवाहर कला केन्द्र में आयोजित इस मेले का विधिवत शुभारम्भ प्रदेश के सहकारिता मंत्री द्वारा किया गया। यह आयोजन 26 अप्रैल तक चलेगा, जहाँ शहरवासी सुबह से रात तक खरीदारी का आनंद ले सकेंगे। 150 स्टॉल्स पर उपलब्ध है देश-प्रदेश की विविधता— इस वर्ष मेले में लगभग 150 स्टॉल्स लगाई गई हैं। सहकारिता मंत्री और शासन सचिव ने विभिन्न स्टॉल्स का बारीकी से अवलोकन किया और सहकारी समितियों द्वारा प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी ली। मेले में राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों की सहकारी समितियों ने भी अपने विशेष उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। यहाँ खड़े मसालों से लेकर पिसे हुए मसाले, अचार, मुरब्बे और कई अन्य खाद्य उत्पाद एक ही छत के नीचे उचित मूल्य पर उपलब्ध हैं।  उपभोक्ताओं का भरोसा और परंपरा— सहकारित...