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Showing posts from March 22, 2026

Rajasthan News: राजस्थान को एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर और इंडस्ट्रियल पार्क नीतियों को मिली मंजूरी

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Rajasthan News: राजस्थान को एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर और इंडस्ट्रियल पार्क नीतियों को मिली मंजूरी  छोटा अखबार। राजस्थान सरकार ने राज्य को निवेश का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए तीन महत्वपूर्ण नीतियों— एयरोस्पेस एवं डिफेंस नीति, सेमीकंडक्टर नीति और इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी-2024 को लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ली गई इस मंजूरी का उद्देश्य राज्य में उच्च तकनीक वाले उद्योगों को आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर बढ़ते कदम— भारत सरकार के 'सेमीकॉन इंडिया' मिशन के साथ तालमेल बिठाते हुए राजस्थान ने अपनी विशिष्ट सेमीकंडक्टर नीति पेश की है। इस नीति के तहत चिप मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और असेंबली इकाइयों को भारी सब्सिडी, बिजली शुल्क में छूट और भूमि आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। जोधपुर और पाली जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से इस उद्योग के लिए विकसित करने की योजना है। एयरोस्पेस और डिफेंस में आत्मनिर्भरता— नई एयरोस्पेस और डिफेंस नीति के जरिए राजस्थान अब रक्षा उपकरणों के निर्माण और विमानन क्षेत्र में अपनी पहचान बन...

Jaipur News: गुलाबी नगरी में लोक संस्कृति का अनूठा संगम: आज निकलेगी ‘बूढ़ी गणगौर’ की शाही सवारी

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Jaipur News: गुलाबी नगरी में लोक संस्कृति का अनूठा संगम: आज निकलेगी ‘बूढ़ी गणगौर’ की शाही सवारी छोटा अखबार। छोटी काशी के नाम से विख्यात जयपुर शहर इन दिनों पूरी तरह गणगौर के रंग में रंगा हुआ है। शनिवार को सिटी पैलेस से निकली गणगौर माता की भव्य सवारी के बाद अब रविवार शाम को पारंपरिक ‘बूढ़ी गणगौर’ की सवारी निकाली जाएगी। लोक मान्यताओं और दशकों पुरानी परंपरा को जीवंत रखते हुए यह सवारी भी उसी राजसी ठाट-बाट के साथ निकलेगी, जिसका गवाह बनने के लिए देशी-विदेशी पर्यटकों और स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।  परंपरा और आस्था का प्रतिबिंब— जयपुर की स्थापना के समय से ही गणगौर उत्सव का विशेष महत्व रहा है। शनिवार को चैत्र शुक्ल तृतीया के अवसर पर मुख्य गणगौर माता की सवारी निकाली गई थी, वहीं इसके अगले दिन यानी चतुर्थी को ‘बूढ़ी गणगौर’ की सवारी निकालने की विशिष्ट परंपरा है। जानकारों के अनुसार, बूढ़ी गणगौर की सवारी मुख्य रूप से उन लोगों के लिए एक और अवसर होती है जो पहले दिन दर्शन करने से चूक जाते हैं, साथ ही यह विदाई की बेला का प्रतीक भी है।  शाही लवाजमा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ— रवि...