Rajasthan News: कत्लघर बनते जा रहे है प्राइवेट अस्पताल, सरकार से मिली है लूट की खुली छूट
Rajasthan News: कत्लघर बनते जा रहे है प्राइवेट अस्पताल, सरकार से मिली है लूट की खुली छूट छोटा अखबार। आज चिकित्सा जगत उस मुकाम पर खड़ा है जहाँ 'डॉक्टर' और 'कसाई' के बीच की रेखा धुंधली पड़ चुकी है। जिसे कभी मानवता का मंदिर कहा जाता था, वह आज कॉर्पोरेट गिद्धों का 'प्रॉफिट सेंटर' बन चुका है। अस्पताल की दहलीज पार करते ही मरीज एक इंसान नहीं, बल्कि 'बीमा पॉलिसी' या 'बैंक बैलेंस' के रूप में देखा जाता है। यह आज की नग्न सच्चाई है कि बीमारी शरीर को मारती है, लेकिन अस्पताल का बिल पूरे परिवार की रूह को छलनी कर देता है। AI Photo मरीज को 'बेबसी' की जकड़ में लेकर उसे धीरे-धीरे 'हलाल' करने का यह तंत्र इतना संगठित है कि यहाँ खून नहीं बहता, पर हर गैर-जरूरी टेस्ट और हर ओवरप्राइस्ड दवा के साथ उसकी उम्मीदों का कत्ल किया जाता है। ऑपरेशन टेबल पर लेटा हुआ व्यक्ति केवल एक रोगी नहीं, बल्कि उस परिवार की पूरी आर्थिक बिसात होती है, जिसे सफेद कोट पहने 'व्यापारी' अपनी धारदार नजरों से तौलते हैं कि इससे आखिरी बूंद तक कितना निचोड़ा जा सकता है। जैसे ही कोई लाच...