Rajasthan News: हंड्रेड परसेंट पागल हो गए हैं राजस्थान के नेता
Rajasthan News: हंड्रेड परसेंट पागल हो गए हैं राजस्थान के नेता! भाषा की गिरावट और सियासत का चीर हरण तो द्रोपदी वाले मुक़ाम पर पहुंच रहा है! थोड़ी तो शर्म करो यारों!!! —✍️सुरेन्द्र चतुर्वेदी छोटा अखबार। राजस्थान की राजनीति इन दिनों मुद्दों से अधिक शब्दों की लड़ाई का अखाड़ा बनती जा रही है। सत्ता और विपक्ष के कई बड़े नेता—किरोड़ी लाल मीणा, गोविन्द सिंह डोटासरा, अशोक गहलोत और हनुमान बेनीवाल—लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जिनमें राजनीतिक मर्यादा की जगह व्यक्तिगत कटाक्ष, अपमानजनक शब्द और आरोप-प्रत्यारोप ने ले ली है। जनता के असली मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं और भाषा का स्तर लगातार गिरता दिखाई दे रहा है। AI Photo लोकतंत्र की सबसे बड़ी ख़ूबसूरती यह मानी जाती है कि यहां विचार टकराते हैं, व्यक्तित्व नहीं। लेकिन राजस्थान में लगता है नेताओं ने संविधान की जगह शब्दकोश का वही पन्ना फाड़कर रख लिया है जिसमें केवल गालियां, ताने और व्यक्तिगत हमले लिखे हों। ऐसा प्रतीत होता है कि जनता ने इन्हें विधानसभा नहीं, बल्कि किसी स्थायी अखाड़े की सदस्यता दे दी है, जहां रोज़ नए दांव नहीं, नए अपशब्द खोजे जाते हैं। आख़िर राजस्...