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Showing posts from October 21, 2026

Jaipur News: जयपुर के पत्रकार कॉलोनी में लिव-इन पार्टनर की हत्या, आरोपी फरार

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Jaipur News: जयपुर के पत्रकार कॉलोनी में लिव-इन पार्टनर की हत्या, आरोपी फरार छोटा अखबार। राजधानी जयपुर के मुहाना थाना इलाके में स्थित पत्रकार कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक किराए के फ्लैट में रह रही 35 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, महिला की हत्या उसके लिव-इन पार्टनर ने किसी भारी वस्तु से सिर पर वार करके की है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। मुहाना थानाधिकारी कविता यादव ने बताया कि मृतका की पहचान भरतपुर निवासी मोना के रूप में हुई है। वह पत्रकार कॉलोनी स्थित एक बहुमंजिला इमारत के किराए के फ्लैट में भरतपुर के ही रहने वाले युवराज नाम के शख्स के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। दोनों पिछले कुछ समय से जयपुर में साथ रह रहे थे और अपनी आजीविका चलाने के लिए एक टिफिन सेंटर का संचालन करते थे। पुलिस के अनुसार घटना रविवार रात की बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच और आस-पड़ोस से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार रात को किसी बात को लेकर म...

Rajasthan News: प्रदेश में कम बारिश से जल संकट को देखते हुये सरकार ने शुरू की आपातकालीन योजना, कलक्टरों को दिये विशेषाधिकार

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Rajasthan News: प्रदेश में कम बारिश से जल संकट को देखते हुये सरकार ने शुरू की आपातकालीन योजना, कलक्टरों को दिये विशेषाधिकार छोटा अखबार। प्रदेश में इस वर्ष कमजोर मानसून और कम बारिश के चलते आगामी महीनों में प्रदेश के मौजूदा जलस्रोतों से पेयजल की उपलब्धता में बड़ी गिरावट आने की आशंका है। इस संभावित संकट को भांपते हुए राज्य सरकार ने समय रहते तैयारियां तेज कर दी हैं। पानी की किल्लत से निपटने और आपातकालीन स्थितियों को संभालने के लिए जलदाय विभाग द्वारा जिलेवार आपातकालीन योजना तैयार किया जा रहा है। संकट के समय स्थिति अनियंत्रित न हो, इसके लिए सरकार ने जमीनी स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों को मजबूत करने का फैसला लिया है। पेयजल संकट से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सरकार ने प्रदेश में जिला कलक्टरों को अक्टूबर से दिसम्बर तक की अवधि के लिए हर जिले में 75 लाख रुपए तक के पेयजल कार्यों के प्रस्तावों को सीधे मंजूरी देने के अधिकार दे दिए गए हैं। इससे आपातकालीन स्थितियों में फाइलों के अटकने और मुख्यालय से मंजूरी के इंतजार में होने वाली देरी से बचा जा सकेगा और व्यवस्थाएं तुरंत लागू हो सकेंगी। जलदाय ...