Rajasthan News: जयपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन: 'वोट चोरी' और निकाय चुनाव में धांधली का आरोप लगा सड़कों पर उतरे दिग्गज, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन

Rajasthan News: जयपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन: 'वोट चोरी' और निकाय चुनाव में धांधली का आरोप लगा सड़कों पर उतरे दिग्गज, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन


छोटा अखबार।

राजधानी जयपुर की सड़कें राजनीतिक अखाड़ा बन गईं। 'वोट चोरी' और नगरीय निकाय चुनाव में कथित बेईमानी व धांधली के गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी के तमाम शीर्ष और वरिष्ठ नेता एकजुट नजर आए, जिससे यह आंदोलन सीधे तौर पर सत्तापक्ष के खिलाफ कांग्रेस की आर-पार की लड़ाई में बदल गया।

प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी सहित कई पूर्व मंत्री, विधायक और सैकड़ों वरिष्ठ नेता इस आंदोलन में शामिल हुए। प्रदर्शन की शुरुआत राजधानी के ऐतिहासिक शहीद स्मारक पर एक जनसभा के साथ हुई। सभा में मौजूद लोंगों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भजनलाल सरकार के खिलाफ तीखा हमला बोला। नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है और निकाय चुनावों में जनता के मतों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने इसे 'वोट चोरी' की संज्ञा दी और कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए अब सड़कों पर उतरना ही एकमात्र रास्ता बचा है।

शहीद स्मारक पर हुई सभा के बाद, सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तर का घेराव करने के लिए पैदल मार्च शुरू किया। कार्यकर्ताओं के हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखे बैनर और तख्तियां थीं और पूरा माहौल 'लोकतंत्र बचाओ' और 'वोट चोरी बंद करो' के नारों से गूंज उठा।

हालांकि, कांग्रेस के इस मार्च को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक इंतजाम कर रखे थे। निर्वाचन आयोग के दफ्तर की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी। जैसे ही प्रदर्शनकारियों का हुजूम बैरिकेड्स के पास पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। आगे बढ़ने की जिद पर अड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते आमने-सामने के टकराव में बदल गई। उग्र कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स लांघने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी धक्का-मुक्की हुई। माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और कई बार समझाने के बाद भी जब मामला शांत नहीं हुआ, तो पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए सख्त कदम उठाया।

भीड़ को तितर-बितर करने और बैरिकेड्स से पीछे धकेलने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया। तेज धार के पानी की बौछार पड़ते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को मौके से खदेड़ दिया। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को चोटें आने की भी खबर है। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए कहा कि लाठी और पानी की बौछार से वे जनता की आवाज को दबा नहीं सकते और उनका यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

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