C S NEWS: मुख्य सचिव ने की परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग की समीक्षा, 35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक होंगे ऑटोमेटेड

C S  NEWS: मुख्य सचिव ने की परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग की समीक्षा, 35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक होंगे ऑटोमेटेड


छोटा अखबार।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग व राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने प्रदेश में आमजन को सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन सेवाएं के विस्तार के लिए प्रगतिरत परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अंतर-विभागीय मुद्दों, विशेषकर भूमि आवंटन व बजट पुनर्भरण आदि का त्वरित समाधान करने और मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं एवं निर्देशों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अध्यक्ष, (RSRTC) राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम और प्रमुख शासन सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा ने विभागीय उपलब्धियों, बजट घोषणाओं की प्रगति, राजस्व अर्जन और विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी।

चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 27 सितंबर 2026 तक परिवहन विभाग द्वारा 3,594.73 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। यह गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 436.45 करोड़ रुपये अधिक है और राजस्व में 13.82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विभाग द्वारा आमजन को आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देने के लिए 57 सेवाओं को वाहन और सारथी पोर्टल के माध्यम से पूर्णतः ऑनलाइन किया गया है। इसके साथ ही हाइपोथिकेशन टर्मिनेशन की स्वचालित प्रक्रिया लागू की गई है। खान विभाग के ई-रवन्ना पोर्टल को आईटीएमएस से इंटीग्रेट कर ओवरलोड वाहनों के स्वतः चालान की व्यवस्था भी लागू की गई है।

सड़क सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश के टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन प्रणाली लागू की गई है। इसके माध्यम से बिना वैध दस्तावेजों, जैसे टैक्स, फिटनेस, बीमा और पीयूसीसी आदि के संचालित वाहनों के विरुद्ध अब तक लगभग 18 लाख चालान जारी किए गए हैं, जिनकी राशि करीब 1,188 करोड़ रुपये है।

राजस्थान रोडवेज के बेड़े को सुदृढ़ करने के लिए एसी और ब्लू लाइन बसों व इलेक्ट्रिक बसों सहित लगभग 900 नई बसों को शामिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वहीं अजमेर, भरतपुर, दूदू, कोटा, उदयपुर और अलवर सहित प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों और कस्बों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंडो का निर्माण व जीर्णोद्धार के कार्य प्रगतिरत हैं। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रदेश के सभी 35 ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक को ऑटोमेटेड किया जा रहा है। इनमें से 23 स्थानों पर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक कार्यशील हो चुके हैं। इससे ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीकी निगरानी को बढ़ावा मिलेगा।

Comments

Popular posts from this blog

सरकार का सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग फेल, रुपयों में छपवानी पड़ रही है, बजट घोषणा की प्रेस विज्ञप्ती

देश में 10वीं बोर्ड खत्म, अब बोर्ड केवल 12वीं क्‍लास में

आज शाम 7 बजे व्यापारी करेंगे थाली और घंटी बजाकर सरकार का विरोध

रीको में 238 पदों की होगी सीधी भर्ती सरकार के आदेश जारी 

ग्राम पंचायत स्तर पर युवाओं को मिलेगा रोजगार

फ़ार्मा कंपनियां डॉक्टरों को रिश्वत में लड़कियां उपलब्ध कराती हैं — प्रधानसेवक

मौलिक अधिकार नहीं है प्रमोशन में आरक्षण — सुप्रीम कोर्ट

10वीं और 12वीं की छात्राओं के लिऐ खुशखबरी, अब नहीं लगेगी फीस