Rajasthan News: आशा सहयोगिनियों को दिवाली का तोहफा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मानदेय में की 10% की वृद्धि, 1 अक्टूबर से लागू
Rajasthan News: आशा सहयोगिनियों को दिवाली का तोहफा: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मानदेय में की 10% की वृद्धि, 1 अक्टूबर से लागू
छोटा अखबार।
राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले प्रदेश की लाखों महिलाओं को एक बड़ा वित्तीय उपहार दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिला सशक्तीकरण और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश की आशा सहयोगिनियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा आधिकारिक वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। सरकार के इस कल्याणकारी निर्णय से प्रदेश की हजारों आशा सहयोगिनियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
अब प्रतिमाह मिलेंगे 5,455 रुपये—
राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब तक आशा सहयोगिनियों को मिलने वाले 4,959 रुपये प्रतिमाह के मानदेय को बढ़ा दिया गया है। 10 प्रतिशत की इस वृद्धि के बाद अब आशा सहयोगिनियों को हर महीने 5,455 रुपये का मानदेय मिलेगा। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा, यानी चालू माह से ही उनके बैंक खातों में बढ़ी हुई राशि आना शुरू हो जाएगी। त्योहारों के इस सीजन में सरकार का यह फैसला उनके परिवारों के लिए बड़ी खुशी लेकर आया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने इस वर्ष रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्रदेश की मातृशक्ति और विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी इन महिला कर्मियों से मानदेय बढ़ाने का वादा किया था। मुख्यमंत्री ने अपने उस संकल्प को धरातल पर उतारते हुए इस वित्तीय प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसे मुख्यमंत्री की कथनी और करनी की एकरूपता के रूप में देखा जा रहा है, जिसने रक्षाबंधन के पर्व पर बहन-भाइयों के पवित्र रिश्ते के बीच किए गए वादे को अमलीजामा पहनाया है।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम—
श्री शर्मा के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का मानना है कि जब तक समाज की आधी आबादी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं होगी, तब तक विकसित राजस्थान की परिकल्पना अधूरी है। आशा सहयोगिनियों के मानदेय में यह वृद्धि इसी व्यापक विजन का एक हिस्सा है, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के आत्म-सम्मान और आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया प्रोत्साहन—
राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ढांचे में आशा सहयोगिनियों की भूमिका रीढ़ की हड्डी की तरह है। ग्रामीण अंचलों, ढाणियों और वंचित तबकों तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को पहुंचाने, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात शिशुओं के टीकाकरण और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में इनका योगदान अतुलनीय है।
राज्य सरकार के इस संवेदनशील निर्णय से न केवल आशा सहयोगिनियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि उनका मनोबल भी ऊंचा होगा। इससे प्रदेश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक स्वास्थ्य प्रबंधन में उनकी भागीदारी और अधिक ऊर्जा व समर्पण के साथ देखने को मिलेगी, जिसका सीधा सकारात्मक असर आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।

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