C M NEWS: आध्यात्मिक विकास और प्रकृति कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार —मुख्यमंत्री
C M NEWS: आध्यात्मिक विकास और प्रकृति कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार —मुख्यमंत्री
छोटा अखबार।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के 90वें स्थापना दिवस पर आयोजित नवदशकोत्सव ग्लोबल समिट को संबोधित करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से भारतीय योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। ब्रह्माकुमारी संस्थान राजयोग के माध्यम से विश्व शांति और कल्याण के लिए कार्य कर रही है। हम विकसित भारत के संकल्प के लिए ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहे हैं। भारत में जी-20 शिखर सम्मेलन से दुनिया को ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, सोमनाथ, काशी और महाकाल लोक में हुए विकास कार्यों से सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिली है।
उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार प्रदेश में आध्यात्मिक विकास और प्रकृति कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देवालयों, संतों और लोक देवताओं से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास के साथ पैनोरमाओं का निर्माण भी करवाया जा रहा है। वहीं ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 29 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। साथ ही, खेजड़ी सहित 29 वृक्षों के संरक्षण के लिए विधेयक लाया गया है। इसी प्रकार सरकार गोवंश और गोपालकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
नदियां, पहाड़ और वृक्ष हमारे लिए पूजनीय—
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ समस्त जीव-जगत, प्रकृति और पर्यावरण के कल्याण की कामना करती है। हमारी संस्कृति जीव में शिव और नर में नारायण के दर्शन करती है। हमारे लिए गंगा-यमुना जैसी नदियां माता, आबूराज-गिरिराज पर्वत देवता और खेजड़ी-पीपल वृक्ष पूजनीय हैं। विश्व कल्याण के लिए इसी व्यापक दृष्टिकोण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आबूराज के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। क्षेत्र में एयर स्ट्रिप के विकास को लेकर केन्द्र सरकार से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और विकास से क्षेत्र में पर्यटन सहित अन्य गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
इस दौरान राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने भी अपने विचार प्रकट करते हुये कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान की 90 वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा सेवा, साधना, शांति और विश्व बंधुत्व का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने संस्थान की थीम ‘जागृति से कर्म तक’ का जिक्र करते हुए कहा कि जागृति तभी सार्थक होती है, जब व्यक्ति अपने विचारों को कर्म में उतारे और आचरण से समाज में सकारात्मक बदलाव लाए। निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और सहयोग भारतीय संस्कृति की पहचान है। सेवा हमारे लिए केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वभाव बननी चाहिए। व्यक्ति को ‘मैं’ की बजाय ‘हम’ की भावना के साथ समाज और राष्ट्र हित के लिए कार्य करना चाहिए।

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