C M NEWS: राज्य सरकार महिला और बालिका सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है —मुख्यमंत्री
C M NEWS: राज्य सरकार महिला और बालिका सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है —मुख्यमंत्री
छोटा अखबार।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी संस्कृति में शक्ति की आराधना का पावन पर्व नवरात्र मातृ शक्ति के सम्मान और सुरक्षा सर्वाेपरि की सीख देता है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार महिला एवं बालिका सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, ताकि वे बिना किसी भय के शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में और आगे बढ़ सकें। मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें प्रतिमाह थाने और पुलिस चैकी में पदस्थापित काॅन्स्टेबल, हेड काॅन्स्टेबल और एएसआई की तरह निश्चित यात्रा भत्ता देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराधों की रोकथाम, असामाजिक तत्वों में कानून का भय और महिलाओं में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना पैदा करना भी है।
मुख्यमंत्री रविवार को काॅन्स्टीट्यूशन क्लब में नवीन कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स और महिला यूथ सीएलजी सदस्यों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि उनके सम्मान, स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और समान अवसरों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स की महिला पुलिसकर्मियों से संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और साहस के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से लेकर उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुद्रा योजना और लखपति दीदी जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। वहीं, राज्य सरकार द्वारा भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आधी आबादी को उनका पूरा हक देना सुनिश्चित किया जा रहा है।
अब तक 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों पर हुई कार्रवाई —
मुख्यमंत्री ने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स और महिला यूथ सीएलजी सदस्यों का फील्ड में प्रभावी असर नजर आ रहा है। यही कारण है कि वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में महिला अत्याचार के प्रकरणों में लगभग 48 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है और महिला अत्याचार संबंधी प्रकरणों में अनुसंधान का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है। उन्होंने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स द्वारा 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 50 लाख महिलाओं और बालिकाओं को कानून और 18 लाख से अधिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरुक किया गया है। इसी प्रकार लगभग 16 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया गया है।
हेल्पलाइन 1090 पर 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण—
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार के अन्य प्रयासों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए 65 एंटी रोमियो स्क्वाॅड संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, महिला हेल्पलाइन 1090 पर पिछले पौने तीन वर्षों में 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है। महिलाओं को उनके अधिकारों और कानून के प्रति जागरुक करने के लिए करीब 22 हजार सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है। वहीं, अभय कमांड एवं नियंत्रण केंद्र के माध्यम से प्रदेशभर में 12 हजार 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं।
सामुदायिक पुलिसिंग के लिए थानों में नियमित हो बैठकें—
मुख्यमंत्री ने सामुदायिक पुलिसिंग को महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि प्रदेश में 2 लाख 60 हजार से अधिक सदस्यों को जोड़ा गया है। इनमें 84 हजार से अधिक यूथ सीएलजी सदस्य, 83 हजार से अधिक सीएलजी सदस्य, 40 हजार से अधिक पुलिस मित्र और 29 हजार से अधिक ग्राम रक्षक शामिल हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से थानों में इनकी नियमित बैठकें आयोजित करने तथा गांवों और शहरी क्षेत्रों में जागरुकता गतिविधियों को गति देने का आह्वान किया।
पुलिस के प्रति विश्वास ही कानून व्यवस्था की सफलता का पैमाना—
उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित महिला या बालिका की शिकायत को गंभीरता से सुनना, उसकी निजता और गरिमा का ध्यान रखना तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसी प्रकार स्कूल-कॉलेजों, बाजारों, सार्वजनिक परिवहन स्थलों, कार्यस्थलों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। क्योंकि, आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास ही कानून व्यवस्था की सफलता का सबसे बड़ा पैमाना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। हर व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।


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