Rajasthan News: प्रदेश में मेडिकल दुकानों पर विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की रेड, 550 किलो से अधिक कॉटन वूल जब्त, लगाया जुर्माना

Rajasthan News: प्रदेश में मेडिकल दुकानों पर विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की रेड, 550 किलो से अधिक कॉटन वूल जब्त, लगाया जुर्माना


छोटा अखबार।

राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधीन संचालित विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ ने पैक्ड सामानों में हो रही धांधली के खिलाफ अपनी धरपकड़ मुहिम दूसरे दिन भी मुस्तैदी से जारी रखी। विभाग की विशेष जांच टीमों ने राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मेडिकल सामानों में तय वजन से कम मात्रा देने और उपभोक्ताओं से एमआरपी से अधिक दाम वसूलने के मामलों का भंडाफोड़ हुआ है। सख्त कार्रवाई करते हुए विभाग ने 550 किलोग्राम से अधिक वजन के दूषित और कम मात्रा वाले पैकेट जब्त किए हैं और दोषी फर्मों पर भारी जुर्माना ठोंका है।

विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की टीम ने जयपुर के नेहरू बाजार स्थित 'अजय सर्जिकल' पर औचक निरीक्षण किया। यहाँ टीम ने दुकान में बिक्री के लिए रखे 'एब्सोरबेंट कॉटन वूल' के 500 ग्राम वाले पैकेटों का वजन मशीन पर आंका। जांच में सामने आया कि प्रत्येक 500 ग्राम के पैकेट में घोषित मात्रा से 14 ग्राम कम कॉटन वूल भरी गई थी। वहीं इस कम वजन वाले पैकेट पर उपभोक्ताओं से तय कीमत से 12 रुपये अधिक वसूले जा रहे थे। विधिक नियमों के इस उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए टीम ने मौके से 354 किलोग्राम कुल वजन के 1020 पैकेटों को तुरंत जब्त कर लिया और नियमों की अवहेलना करने पर अजय सर्जिकल फर्म पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

वहीं दूसरा मामला गोपालपुरा बाईपास स्थित 'शिवानी मेडिप्रो प्राइवेट लिमिटेड' में देखने को मिला। यहाँ टीम ने जब 200 ग्राम घोषित मात्रा वाले एब्सोरबेंट कॉटन वूल के पैकेटों की बारीकी से जांच की, तो यहाँ भी प्रति पैकेट 14 ग्राम कॉटन कम पाई गई। कम वजन देकर यह फर्म उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाल रही थी और प्रति पैकेट लगभग 15 रुपये की नाजायज कमाई कर रही थी। विभाग ने इस धोखाधड़ी पर बेहद सख्त रुख अख्तियार करते हुए कुल 200 किलोग्राम वजन के 1000 पैकेटों को सीज कर दिया। साथ ही निर्माता फर्म पर 65 हजार रुपये का जुर्माना आयद किया।

विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ के उप नियंत्रक आलोक झारवाल ने बताया कि विभाग की यह कार्रवाई केवल जयपुर तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसकी गूंज देखने को मिली। जयपुर के अलावा राजसमंद की 'श्रीनाकोडा डिस्ट्रीब्यूटर्स' और बारां की 'लोकेश ड्रग एजेंसी' पर भी विभाग की टीमों ने एक साथ दबिश दी। इन दोनों फर्मों पर पैकेटों की जांच के दौरान पाया गया कि इनके 50 ग्राम और 500 ग्राम वाले एब्सोरबेंट कॉटन वूल के पैकेटों पर विधिक रूप से अनिवार्य आवश्यक घोषणाएं (जैसे निर्माण तिथि, एक्सपायरी, बैच नंबर और एमआरपी आदि) अंकित नहीं थीं। नियमों के मुताबिक बिना आवश्यक घोषणाओं के सामग्री बेचना गैर-कानूनी है, जिसके तहत दोनों फर्मों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

उप नियंत्रक श्री झारवाल ने साफ किया कि पैकेज्ड कमोडिटी एक्ट के तहत उपभोक्ताओं को सही वजन और सही कीमत पर सामान मिलना उनका कानूनी अधिकार है। त्योहारों और सामान्य दिनों में भी उपभोक्ताओं को ठगने वाले विनिर्माताओं और डीलरों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। विभाग का यह अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा ताकि बाजार में पारदर्शिता बनी रहे और आमजन को शुद्ध और मापदंडों के अनुरूप सामग्री मिल सके।

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