Sawai Madhopur News: आंगन में खेल रहे 3 वर्षीय मासूम को उठा ले गया पैंथर, आक्रोशित ग्रामीणों ने वन चौकी में की आगजनी

Sawai Madhopur News: आंगन में खेल रहे 3 वर्षीय मासूम को उठा ले गया पैंथर, आक्रोशित ग्रामीणों ने वन चौकी में की आगजनी


छोटा अखबार।

सवाई मानसिंह सेंचुरी की फलौदी रेंज से एक हृदयविदारक और विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है। रेंज के दूमोदा गांव में गुरुवार शाम को एक आदमखोर पैंथर ने तीन साल के मासूम बच्चे पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है, वहीं वन विभाग की कथित लापरवाही से गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने रेंज कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ कर आगजनी कर दी। जानकारी के अनुसार सामने आया कि दूमोदा गांव के बैरवा मोहल्ले में रहने वाले संजय बैरवा का तीन वर्षीय पुत्र दिलखुश बैरवा गुरुवार शाम को अपने घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान पास ही स्थित सवाई मानसिंह सेंचुरी के जंगलों से निकलकर एक पैंथर आबादी क्षेत्र में घुस आया। पैंथर ने चुपके से घात लगाकर मासूम दिलखुश पर हमला कर दिया। इससे पहले कि घरवाले या आसपास के लोग कुछ समझ पाते, पैंथर बच्चे को अपने जबड़े में दबोचकर तेजी से घने जंगलों और पहाड़ियों की ओर भाग निकला। बच्चे की चीख सुनकर परिजनों ने शोर मचाया, जिसके बाद भारी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल की ओर दौड़े।

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घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। पथरीला और घना जंगल होने के कारण शुरुआत में बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। लेकिन देर रात करीब 10 बजे मासूम दिलखुश जंगल की एक पहाड़ी पर अत्यंत गंभीर और लहुलूहान अवस्था में मिला। पैंथर के हमलों के कारण बच्चा बुरी तरह जख्मी हो चुका था। परिजन और ग्रामीणों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल लाते ही चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया। 

घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने जिला अस्पताल परिसर में ही वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का सीधा आरोप था कि क्षेत्र में लंबे समय से पैंथर की आवाजाही बनी हुई थी, लेकिन वन विभाग ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। ग्रामीणों ने विशेष रूप से टोडरा नाका प्रभारी सुमन गुर्जर पर गंभीर लापरवाही बरतने और सूचना के बावजूद समय पर मुस्तैद न होने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों की मांग थी कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तुरंत निलंबन की सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

अस्पताल में प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों का भारी हुजूम फलौदी रेंज कार्यालय परिसर पहुंच गया, जहां उनका आक्रोश हिंसक रूप में बदल गया। उत्तेजित ग्रामीणों ने रेंज कार्यालय परिसर में खड़ी वनकर्मियों की एक मोटरसाइकिल को आग लगा दी। वहीं प्रदर्शन का लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों और ग्रामीणों ने वन विभाग द्वारा अवैध खनन के मामले में पहले से जब्त करके खड़ी की गई एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन छुड़ाकर ले जाने का प्रयास किया। भीड़ ने उस ट्रैक्टर-ट्रॉली में भी आग लगाने की कोशिश की, लेकिन वहां तैनात वनकर्मियों ने अपनी सूझबूझ, सजगता और बहादुरी का परिचय देते हुए ग्रामीणों के इस प्रयास को विफल कर दिया और सरकारी संपत्ति को बड़ी क्षति होने से बचा लिया।

रेंज कार्यालय में आगजनी और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और वन विभाग के उच्च अधिकारी अतिरिक्त पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करने के लिए काफी देर तक समझाइश की। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पैंथर को पकड़ने के लिए क्षेत्र में तुरंत पिंजरा लगाया जाएगा और गश्त बढ़ा दी जाएगी। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और एहतियात के तौर पर वन चौकी और दूमोदा गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।

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