Rajasthan News: प्रदेश में युवाओं को उद्योग की मांग के अनुरूप आधुनिक प्रशिक्षण देगी सरकार
Rajasthan News: प्रदेश में युवाओं को उद्योग की मांग के अनुरूप आधुनिक प्रशिक्षण देगी सरकार
छोटा अखबार।
कौशल, नियोजन और उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राज्य कौशल और उद्यमिता समिति की पहली सभा का आयोजन किया गया। सभा में राज्य में युवाओं के कौशल विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई व उनके प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
इस दौरान राज्य के 41 जिलों में किए गए मैनपावर मांग-आपूर्ति, स्किल सेट मैपिंग और स्वरोजगार के लिए सरकार से अपेक्षित सहायता सहित ‘स्किल गैप असेसमेंट’ अध्ययन की समीक्षा की गई। वहीं निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को जिलावार और क्षेत्रवार कौशल मांग के अनुरूप तैयार किया जाए व स्थानीय उद्योगों से सीधे जोड़कर युवाओं को उद्योग की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
'पीएम इंटर्नशिप योजना' के अंतर्गत युवाओं के चयन और कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योग विभाग को कंपनियों के साथ सीधे संवाद स्थापित करने व निर्धारित '20 कंपनियों के ऑनबोर्डिंग लक्ष्य' को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सभा में 'अप्रेंटिसशिप' की प्रगति की प्रत्येक माह तुलनात्मक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। इसके अंतर्गत पूर्व माह की तुलना में हुई प्रगति, उपलब्धियां और लंबित प्रकरणों का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं 'राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना’ के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा घोषित 2500 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त डीबीटी टॉप-अप सहायता’’ को शीघ्र लागू करने के लिए राज्यांश के वितरण हेतु पेमेंट मॉड्यूल के विकास और संचालन की समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान जयपुर में लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विश्वस्तरीय ‘अटल बिहारी वाजपेयी ग्लोबल सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किलिंग’’ की डीपीआर तैयार करने के संबंध में भी चर्चा की गई। इसके लिए देश में संचालित प्रमुख उन्नत कौशल विकास मॉडलों का अध्ययन कर उनके श्रेष्ठ प्रचलनों को प्रस्तावित केंद्र की कार्ययोजना में सम्मिलित करने के निर्देश दिए गए। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘नल जल मित्र’ प्रशिक्षण के संबंध में पंचायत समिति-वार प्रशिक्षणार्थियों की सूची तैयार करने व उसके अनुरूप प्रशिक्षण के लिए आवश्यक अग्रिम राशि उपलब्ध कराने हेतु पंचायती राज विभाग से समन्वय कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए और कृषि विभाग द्वारा लघु अवधि पाठ्यक्रम, प्रमाणीकरण व कौशल विकास केंद्रों के उपयोग के संबंध में कौशल, नियोजन और उद्यमिता विभाग के साथ एमओयू करने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी कार्य-बिंदुओं को प्राथमिकता और समयबद्धता के साथ लिया जाए व संबंधित विभाग आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

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