C M NEWS: युवा देश के कर्णधार हैं, उनकी सकारात्मक ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाना जरूरी —मुख्यमंत्री
C M NEWS: युवा देश के कर्णधार हैं, उनकी सकारात्मक ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाना जरूरी —मुख्यमंत्री
छोटा अखबार।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार के प्रयास व जन भागीदारी से राजस्थान सुरक्षित और अपराधमुक्त हो रहा है। युवा सीएलजी सदस्य और सुरक्षा सखियां सहयोग व समन्वय से समाज में समरसता लाने और कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अग्रदूत साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में युवा सीएलजी सदस्यों और सुरक्षा सखियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के निर्माण में पुलिस के साथ समाज की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। नशे और साइबर अपराध के खिलाफ महिला और युवा शक्ति को मिलकर प्रभावी प्रहार करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। सरकार किसान, युवा, महिला और गरीब को केंद्र में रखकर विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा देश के कर्णधार हैं, उनकी सकारात्मक ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाना जरूरी है। युवा महापुरुषों की जीवनी पढ़ें और उनके तप, त्याग और आदर्शों को जीवन में अपनाएं। सुरक्षा सखी और युवा सीएलजी सदस्य अपराधों की रोकथाम के साथ यातायात व्यवस्था, रक्तदान, पौधारोपण, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और बुजुर्गों की समस्याओं के समाधान में भी सहयोग करें। बेहतर कार्य करने वाले सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा संकल्प अभियान पत्रिका का विमोचन भी किया। प्रदेशभर से सुरक्षा सखियों और युवा सीएलजी सदस्यों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव व सुझाव साझा किये। मुख्यमंत्री ने युवा सीएलजी सदस्यों और सुरक्षा सखियों से अपनी जिम्मेदारी को समाज सेवा और सुरक्षा के संकल्प के रूप में स्वीकार करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवा सीएलजी में 18 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं को जोड़ा गया है और समाज के सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में बीट स्तर पर 61 हजार से अधिक, थाना स्तर पर 11 हजार से अधिक और जिला स्तर पर करीब 2 हजार युवा सीएलजी सदस्य चयनित किये गए हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि सुरक्षा सखी योजना महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए राजस्थान पुलिस की महत्वपूर्ण पहल है। प्रत्येक थाने पर 20 से 30 सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है और अब तक प्रदेश में करीब 22 हजार सुरक्षा सखियों का चयन हो चुका है, इनमें आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम, अध्यापिका, प्राचार्य और महिला कार्मिक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सखियों की भूमिका केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, उनका दायित्व महिलाओं में विश्वास और सुरक्षा की भावना पैदा करना भी है।
उन्होंने युवा सीएलजी सदस्यों से अपने क्षेत्रों में युवाओं को नशे से दूर रखने, महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

Comments