Rajasthan News: गृहमंत्री को अपने दौरे की शुरुआत बाबा भर्तृहरि के दर्शन के साथ करनी चाहिए थी —नेता प्रतिपक्ष

Rajasthan News: गृहमंत्री को अपने दौरे की शुरुआत बाबा भर्तृहरि के दर्शन के साथ करनी चाहिए थी —नेता प्रतिपक्ष 


छोटा अखबार।

राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य के गृहमंत्री के अलवर दौरे को लेकर कहा कि गृहमंत्री को अधिकारियों की वीआईपी गाड़ियों से उतरकर अलवर की सड़कों पर पैदल चलना चाहिए था, तभी उन्हें यहां की असली जमीनी हकीकत का पता लगता। जूली ने कहा कि गृहमंत्री को अपने दौरे की शुरुआत बाबा भर्तृहरि के दर्शन के साथ करनी चाहिए थी और उसके बाद जनता के बीच जाना चाहिए था। नेता प्रतिपक्ष ने अलवर जिले की बदहाल कानून व्यवस्था और खस्ताहाल बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों और स्थानीय सड़कों की जर्जर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि "अलवर के राष्ट्रीय राजमार्गों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि सड़कों पर गड्ढे गिनते-गिनते कोई भी थक जाएगा। यह अलवर की असली और कड़वी हकीकत है, जिसे सरकार लगातार नजरअंदाज करती आ रही है। 

टीकाराम जूली ने प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्टों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री को अगर अलवर की वास्तविक स्थिति जाननी थी, तो उन्हें भाजपा के दलालों और अफसरों द्वारा तैयार की गई झूठी और कागजी फाइलों को तुरंत बंद कर देना चाहिए। जूली केअनुसार जिले की असली तस्वीर किसी सरकारी फीडबैक फॉर्म या बंद कमरों की बैठकों में नहीं, बल्कि सड़क पर संघर्ष कर रही आम जनता की आंखों में साफ देखी जा सकती है। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह को नसीहत देते हुये कहा कि वे प्रशासनिक तामझाम छोड़कर सीधे ग्राउंड जीरो पर उतते। जब तक सरकार के नुमाइंदे आम लोगों से सीधा संवाद नहीं करेंगे, तब तक जनसमस्याओं का समाधान संभव नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष ने गृहमंत्री से अपील की कि वे केवल रस्मी सभाएं करने के बजाय समाज के सबसे निचले तबके से बात करें। उन्होंने कहा, "आप सीधे रिक्शे वाले, खेत में काम करने वाले किसान और डेयरी चलाने वाले छोटे व्यवसाइयों के पास जाइए। उनसे पूछिए कि वे किन हालातों में जी रहे हैं और उन्हें किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जूली ने यह भी कहा कि अगर गृहमंत्री ने ऐसा नहीं किया, तो उनका यह दौरा भी महज एक राजनीतिक औपचारिकता बनकर रह जाएगा। 

Comments

Popular posts from this blog

सरकार का सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग फेल, रुपयों में छपवानी पड़ रही है, बजट घोषणा की प्रेस विज्ञप्ती

देश में 10वीं बोर्ड खत्म, अब बोर्ड केवल 12वीं क्‍लास में

आज शाम 7 बजे व्यापारी करेंगे थाली और घंटी बजाकर सरकार का विरोध

रीको में 238 पदों की होगी सीधी भर्ती सरकार के आदेश जारी 

ग्राम पंचायत स्तर पर युवाओं को मिलेगा रोजगार

फ़ार्मा कंपनियां डॉक्टरों को रिश्वत में लड़कियां उपलब्ध कराती हैं — प्रधानसेवक

मौलिक अधिकार नहीं है प्रमोशन में आरक्षण — सुप्रीम कोर्ट

10वीं और 12वीं की छात्राओं के लिऐ खुशखबरी, अब नहीं लगेगी फीस