Political News: संविधान की शपथ लेने वाले मंत्री को ही धरने पर बैठना पड़ा तो आमजन की क्या बिसात
Political News: संविधान की शपथ लेने वाले मंत्री को ही धरने पर बैठना पड़ा तो आमजन की क्या बिसात
छोटा अखबार।
राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलवर दौरे से पहले राजस्थान में शासन के बजाय चल रहे सर्कस की पोल खुलना मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। जूली ने मंत्री संजय शर्मा द्वारा अलवर जिला कलेक्टर के खिलाफ दिए गए धरने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि भाजपा सरकार की असलियत अलवर में खुलकर सामने आ गई है। सफाई कर्मियों को नियुक्ति पत्र तक नहीं मिल रहे हैं और खुद मंत्री संजय शर्मा को अपनी ही सरकार के नगर निगम के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। यह भाजपा शासन में प्रशासनिक तंत्र के पूरी तरह चरमरा जाने का सबूत है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंत्री का खुद सड़क पर बैठकर आंदोलन करना यह दिखाता है कि भाजपा राज में मंत्री सिर्फ नाम के हैं, असली फैसले नौकरशाही की मर्जी से होते हैं। जिस सरकार का अपना मंत्री ही न्याय के लिए भटकता फिरे, तो गरीब सफाई कर्मचारियों और आम जनता को क्या इंसाफ देगी?
श्री जूली ने कहा कि राजस्थान में हालात यह हैं कि नेताओं, मंत्रियों की कोई सुन नहीं रहा है। इसकी हकीकत अलवर में सभी के सामने आ गई कि हमारे अलवर से आने वाले मंत्री खुद जो हैं, सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं और उनका यह कहना है कि मैंने नगर निगम आयुक्त से बात की, मैंने जिला कलेक्टर से बात की, मैंने डीएलबी के अंदर बात की, मैंने मंत्री जी से बात की, मैंने सीएमओ के अंदर बात की, यानी कि उन्होंने हर जगह बात को पहुंचाया, लेकिन उनकी सुनी नहीं गई।
उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री को शासन के इस गंभीर मुद्दे पर पनी बात रखनी चाहिए और "मेरा सवाल है जब मंत्रियों की भी सुनवाई नहीं हो रही है तो फिर जनता कहां जाएगी? " उन्होंने आगे कहा कि "अमित शाह जी भी आ रहे हैं, अलवर के अंदर आ रहे हैं। वह भी देख लें कि अलवर की हकीकत क्या है। अलवर से केंद्रीय मंत्री भी आते हैं, वह भी देख लें कि अलवर के अंदर हकीकत क्या है, किस प्रकार की स्थिति अलवर के अंदर बन चुकी है कि खुद मंत्रियों को धरने पर बैठना पड़ रहा है। "

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