Rajasthan News: प्रदेश में राज निवेश सिंगल विंडो सिस्टम का हुआ विस्तार, नियमों के सरलीकरण में राजस्थान का देश में दूसरा स्थान
Rajasthan News: प्रदेश में राज निवेश सिंगल विंडो सिस्टम का हुआ विस्तार, नियमों के सरलीकरण में राजस्थान का देश में दूसरा स्थान
छोटा अखबार।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने व निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य के सिंगल विंडो सिस्टम राज निवेश का विस्तार किया गया है।राजस्थान एंटरप्राइजेज सिंगल विंडो इनेबलिंग एंड क्लियरेंस (संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी की गई है। इसके तहत संशोधित सूची में अब 19 विभागों से जुड़ी अनुमतियां और स्वीकृतियां शामिल की गई हैं और संबंधित सेवाओं के लिए वर्तमान निर्धारित समय-सीमा भी शामिल की गई है। अब राजनिवेश पोर्टल से 190 अनुमतियां और स्वीकृतियां मिल रही हैं।
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| AI Photo |
इससे पूर्व राजस्थान एंटरप्राइजेज सिंगल विंडो इनेबलिंग एंड क्लियरेंस रूल्स, 2020 के तहत सूची में 11 विभागों की 41 सेवाएं शामिल थीं। राज निवेश सिंगल विंडो सिस्टम के विस्तार के साथ अब इसमें कई नए विभागों और उनकी सेवाओं को भी शामिल किया गया है, जो पहले इस व्यवस्था का हिस्सा नहीं थे।
सेवाओं की संख्या में इस व्यापक वृद्धि से निवेशकों और उद्यमियों को विभिन्न विभागों से संबंधित अनुमतियां और स्वीकृतियां एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेंगी। वहीं सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा से प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता को और मजबूती मिलेगी।
राज निवेश पोर्टल पर प्रतिमाह प्राप्त होने वाले औसत आवेदनों की संख्या वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग 2,800 से बढ़कर 10,000 से अधिक हो गई है और कई प्रमुख सेवाओं के औसत निस्तारण समय में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ई-तुलामान (बांट व माप का सत्यापन एवं मुद्रांकन) का औसत निस्तारण समय 12 दिन से घटकर 7 दिन, न्यू इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन (जेवीवीएनएल) का 10 दिन से घटकर 5 दिन और पर्यटन इकाई परियोजना की स्वीकृति का समय 16 दिन से घटकर 10 दिन हो गया है। वहीं फैक्ट्रीज लाइसेंस के नवीनीकरण की सेवा अब वास्तविक समय (रियल टाइम) में ही निस्तारित की जा रही है। इससे निवेशकों और उद्यमियों को सेवाएं अधिक तेजी और सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।
राजस्थान सरकार द्वारा निवेश प्रोत्साहन और कारोबार को आसान बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण मुहर लगी है। नीति आयोग द्वारा हाल ही में जारी निवेश अनुकूलता सूचकांक में राजस्थान को ‘अग्रणी राज्य’ की श्रेणी में स्थान मिला है। बड़े राज्यों की श्रेणी में नियमों के सरलीकरण में राजस्थान ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त निवेश प्रोत्साहन नीतियों में राज्य तीसरे स्थान पर रहा है। राज्य सरकार द्वारा उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने, निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने और निवेशकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे नीतिगत एवं प्रक्रियागत सुधारों का सकारात्मक परिणाम इन उपलब्धियों के रूप में सामने आया है। राज निवेश सिंगल विंडो सिस्टम का विस्तार भी राज्य में निवेश के लिए और अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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