C M NEWS: हमारा संकल्प "हर बूंद अनमोल, हर जीवन अनमोल" —मुख्यमंत्री भजनलाल

C M NEWS: हमारा संकल्प "हर बूंद अनमोल, हर जीवन अनमोल" —मुख्यमंत्री भजनलाल


छोटा अखबार।

राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और दूरदराज के क्षेत्रों तक आपातकालीन चिकित्सा सहायता पहुंचाने की दिशा में रविवार, 9 अगस्त 2026 को नई गति मिली है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजधानी जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 10 नवीन अत्याधुनिक रक्त संग्रहण और परिवहन वाहनों (ब्लड डोनेशन बस) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर कई नीति-निर्माता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान  को बढ़ावा देने और गंभीर स्थिति में फंसे मरीजों को बिना किसी देरी के जीवनरक्षक रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन विशेष वाहनों को तैयार किया गया है। इस परियोजना पर कुल 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत आई है। राज्य सरकार ने इन अत्याधुनिक वाहनों को प्रदेश के 10 चयनित राजकीय ब्लड बैंकों को आवंटित किया है, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर रक्त संग्रहण और इसके सुरक्षित परिवहन की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। ये वाहन चलते-फिरते ब्लड डोनेशन कैंप के रूप में कार्य करेंगे। अक्सर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जागरूकता की कमी या बुनियादी ढांचे के अभाव के कारण लोग रक्तदान नहीं कर पाते हैं। अब ये वाहन सीधे जनता के बीच पहुंचेंगे, जिससे लोगों के लिए अपने घर या कार्यस्थल के निकट रक्तदान करना बेहद सुगम हो जाएगा।

सुरक्षित और सुचारू रक्तदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए इन वाहनों के भीतर किसी बड़े अस्पताल के ब्लड बैंक जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की गई हैं। प्रत्येक वाहन में निम्नलिखित उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध हैं:

एक समय में तीन रक्तदाता बेहद आरामदायक स्थिति में बैठकर या लेटकर सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकते हैं।

यह उपकरण रक्त संग्रहण के दौरान रक्त की सटीक मात्रा की निगरानी करता है और रक्त को थक्के बनने से रोकने के लिए निरंतर हिलाता रहता है।

रक्तदान पूरा होने के बाद ब्लड बैग की ट्यूब को सुरक्षित और एयर-टाइट तरीके से सील करने के लिए इसमें आधुनिक सीलर लगाए गए हैं।

संग्रहित किए गए रक्त को सुरक्षित तापमान पर रखने के लिए हर वाहन में बड़ी क्षमता वाला रेफ्रिजरेटर उपलब्ध है, जो दूरदराज के इलाकों से मुख्यालय तक परिवहन के दौरान रक्त की गुणवत्ता को खराब नहीं होने देगा।

किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने या रक्तदाता की तबीयत खराब होने पर प्राथमिक उपचार के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और सटीक तापमान मापने के लिए डिजिटल थर्मामीटर की व्यवस्था है।ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक करने, भ्रांतियों को दूर करने और रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए वाहनों पर एलईडी स्क्रीन और लाउडस्पीकर सिस्टम भी स्थापित किया गया है।

वाहन रवानगी के बाद मीडिया और जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया संदेश में भी दोहराया कि "हर बूंद अनमोल, हर जीवन अनमोल" की भावना के साथ राज्य सरकार काम कर रही है। ये आधुनिक बसें न केवल रक्त संग्रहण व्यवस्था को नई गति देंगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं, प्रसव के दौरान होने वाली दिक्कतों और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए 'जीवनदायिनी' साबित होंगी।

केंद्रीय मंत्री नड्डा ने राजस्थान सरकार के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र का कायाकल्प कर रही हैं।  चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल से राजस्थान के सुदूर ग्रामीण अंचलों में स्वैच्छिक रक्तदान अभियानों को भारी सफलता मिलेगी। कई बार जिला अस्पतालों में रक्त की कमी के कारण मरीजों के परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ये 10 मोबाइल वाहन अब बड़े शहरों से निकलकर कस्बों और गांवों में नियमित शिविर आयोजित करेंगे, जिससे राज्य के ब्लड बैंकों में रक्त की कमी की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। यह कदम राजस्थान को स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।

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