C M NEWS: वन स्टेट-वन इलेक्शन से संसाधनों की होगी बचत -मुख्यमंत्री

C M NEWS: वन स्टेट-वन इलेक्शन से संसाधनों की होगी बचत -मुख्यमंत्री  


छोटा अखबार।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने अपनी विस्तृत प्रतिवेदन रिपोर्ट सौंप दी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार हर वर्ग को उसका उचित राजनैतिक प्रतिनिधित्व देने के संकल्प के साथ काम कर रही है।

'वन स्टेट-वन इलेक्शन' पर जोर-

मुख्यमंत्री शर्मा ने 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' (एक राज्य-एक चुनाव) की अवधारणा का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश और राज्य में बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक और आर्थिक मशीनरी पर भारी दबाव पड़ता है। एक साथ चुनाव कराने से सरकारी संसाधनों, समय और धन की बड़े पैमाने पर बचत होगी। इसके साथ ही बार-बार आदर्श आचार संहिता लागू होने से विकास कार्यों में आने वाली रुकावटें भी हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी।
विकास कार्यों को मिलेगी निरंतर गति-
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब चुनाव एक साथ संपन्न होंगे, तो सरकार को जनहित की योजनाओं और नीतियों को लागू करने के लिए पूरा समय मिलेगा। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों को भी निरंतर गति मिलेगी। लगातार चुनाव मोड में रहने के बजाय प्रशासनिक अमला पूरी एकाग्रता के साथ जनता की समस्याओं के निवारण और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा।
आयोग की इस रिपोर्ट को राज्य में पंचायती राज और स्थानीय निकायों में ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सही और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार इस प्रतिवेदन के तथ्यों का अध्ययन कर जमीनी लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाने के लिए आगामी कदम उठाएगी।

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