Rajasthan News: डोटासरा की सरकार को चेतावनी– 'खून-खराबा हुआ तो पुलिस-प्रशासन होगा जिम्मेदार
Rajasthan News: डोटासरा की सरकार को चेतावनी– 'खून-खराबा हुआ तो पुलिस-प्रशासन होगा जिम्मेदार
छोटा अखबार।
प्रदेश के सीकर में नगरपालिका चेयरमैन के आगामी चुनावों को लेकर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। चुनावों को लेकर प्रदेशभर में जारी राजनीतिक बाड़ेबंदी और खींचतान के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डोटासरा ने सरकार पर सत्ता और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए तीखी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि इस सियासी खींचतान के कारण क्षेत्र में कोई मर्डर या खून-खराबा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मौजूदा सरकार और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की होगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्थानिय मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार चुनावों को जीतने के लिए लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रख रही है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को 'गुजरात मॉडल' की संज्ञा दी। डोटासरा ने कहा, "सरकार पुलिस और प्रशासन का इस कदर दुरुपयोग कर रही है जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। पार्षदों और जनप्रतिनिधियों को डराया-धमकाया जा रहा है और उन पर प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है ताकि वे सरकार के पक्ष में मतदान करें।" उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष चुनाव कराने के बजाय पुलिस खुद इस किलाबंदी और जोड़-तोड़ का हिस्सा बन चुकी है।
डोटासरा ने चेतावनी दी कि सरकार की इन तानाशाही नीतियों के कारण आम जनता और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश पनप रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत प्रभाव से पुलिस और प्रशासन का यह नंगा नाच बंद नहीं किया, तो यह आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि चुनावी रंजिश और प्रशासनिक एकतरफा कार्रवाई के चलते धरातल पर हिंसक टकराव की स्थिति बन सकती है। डोटासरा ने कड़े शब्दों में कहा, "हम लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने में विश्वास रखते हैं, लेकिन अगर सरकार के शह पर कोई अप्रिय घटना घटती है, किसी की जान जाती है या खून-खराबा होता है, तो सरकार और पुलिस अपने कदम पीछे नहीं खींच पाएगी। उन्हें इसका खामियाजा भुगतना होगा।
आपको बतादें कि सीकर नगरपालिका चेयरमैन के पद को हासिल करने के लिए दोनों ही प्रमुख दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। क्रॉस वोटिंग और पार्षदों के पाला बदलने के डर से प्रदेशभर में पार्षदों की बाड़ेबंदी की खबरें आ रही हैं। कांग्रेस का आरोप है कि उनके पार्षदों को निशाना बनाया जा रहा है और सरकारी एजेंसियों के जरिए उन्हें परेशान किया जा रहा है। डोटासरा के इस आक्रामक बयान के बाद सीकर और आस-पास के इलाकों में राजनीतिक चरम पर पहुंच गया है।
डोटासरा के इस बयान ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस इस निकाय चुनाव को केवल स्थानीय चुनाव के रूप में नहीं, बल्कि सरकार के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक संग्राम के तौर पर लड़ रही है। अब देखना यह होगा कि डोटासरा के इन गंभीर आरोपों और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की चेतावनी पर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया आती है और आने वाले दिनों में सीकर की यह चुनावी किलाबंदी क्या गुल खिलाती है।

Comments