Rajasthan News: प्रदेश में आरएसएमईटी और जीएसआई में मिलकर कार्य करने पर होगा करार-एसीएस माइंस

Rajasthan News: प्रदेश में आरएसएमईटी और जीएसआई में मिलकर कार्य करने पर होगा करार -एसीएस माइंस 


छोटा अखबार।

अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्रीमती अपर्णा अरोरा ने कहा है कि क्रिटिकल मिनरल्स के एक्सप्लोरेशन और क्वार्टज फेल्सपार के सेंपलिंग व विश्लेषण कार्य में गति लाने के लिए माइंस विभाग आरएसएमईटी और जीएसआई परस्पर सहयोग व समन्वय से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्दी ही जीएसआई व आरएसएमईटी के बीच करार किया जाएगा। इसी तरह से महत्वपूर्ण खनिजों के दोहन के बाद बचे खनिज मलबे की भी आरएण्डडी करवाने की आवश्यकता प्रतिपादित की ताकि मलबे का वैज्ञानिक निस्तारण या मलबे में भी उपलब्ध खनिजों का पता लगाया जा सके।

क्या है होता है क्रिटिकल मिनरल्स और क्वार्टज फेल्सपार—

क्रिटिकल मिनरल्स: ये वे खनिज हैं जो आधुनिक उद्योगों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और स्वच्छ ऊर्जा (जैसे सोलर पैनल और बैटरी) के लिए अत्यधिक आवश्यक होते हैं। इसके उदाहरण हैं—लिथियम, कोबाल्ट और निकेल।

क्वार्टज फेल्सपार: पृथ्वी की पपड़ी (क्रस्ट) में सबसे अधिक मात्रा में पाए जाने वाले दो महत्वपूर्ण प्राकृतिक खनिज हैं, जो अक्सर एक साथ चट्टानों (जैसे ग्रेनाइट) में पाए जाते हैं। 

एसीएस गुरूवार को सचिवालय के मंथन कक्ष में राज्य में खान विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी के लिए भारतीय खान ब्यूरो, जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया व माइंस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मंथन कर रही थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का फोकस प्रदेश में उपलब्ध खनिज संपदा का बेहतर दोहन, खनिज खोज कार्य को और अधिक गति देने, अकार्यशील खानों में खनन कार्य शुरु कराने और रोजगार व राजस्व अवसर विकसित करना है। क्वार्टज फेल्सपार को माइनर मिनरल से मेजर मिनरल घोषित करने के बाद की स्थिति पर चर्चा पर उन्होंने क्वार्टज फेल्सपार की सभी शेष लीजों का आईबीएम से समन्वय बनाते हुए 15 दिवस में पंजीकृत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आईबीएम से क्वार्टज फेल्सपार के सेंपलिंग और विश्लेषण कार्य में तेजी लाने और भारत सरकार के निर्देशानुसार क्वार्टज फेल्सपार ब्लॉकों के प्राथमिकता से जी 3 एक्सप्लोरेशन के निर्देश दिए।   

भारतीय खान ब्यूरो उदयपुर के नियंत्रक अभय अग्रवाल ने पीपीटी के माध्यम से विस्तार से प्रस्तुति देते हुए बताया कि राजस्थान में माइनिंग सेक्टर में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। खान ब्यूरो स्तर पर मेजर मिनरल लीज धारकों के माइनिंग प्लान का अनुमोदन प्राथमिकता से किया जा रहा है और केन्द्र सरकार द्वारा भी अब माइनिंग प्लान अनुमोदन की समयसीमा तय करते हुए 30 दिवस का समय निर्धारित कर दिया है। श्री अग्रवाल ने विस्तार से राजस्थान में मिनरलों के खनन और डिपोजिट्स की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार के माइनिंग मंत्रालय में बेहतर तालमेल के साथ ही केन्द्र सरकार की राजस्थान में कार्यरत संस्थाओं और खान निदेशालय के बीच बेहतर समन्वय से राजस्थान में अच्छा कार्य हो रहा है।

Comments

Popular posts from this blog

सरकार का सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग फेल, रुपयों में छपवानी पड़ रही है, बजट घोषणा की प्रेस विज्ञप्ती

देश में 10वीं बोर्ड खत्म, अब बोर्ड केवल 12वीं क्‍लास में

आज शाम 7 बजे व्यापारी करेंगे थाली और घंटी बजाकर सरकार का विरोध

रीको में 238 पदों की होगी सीधी भर्ती सरकार के आदेश जारी 

ग्राम पंचायत स्तर पर युवाओं को मिलेगा रोजगार

फ़ार्मा कंपनियां डॉक्टरों को रिश्वत में लड़कियां उपलब्ध कराती हैं — प्रधानसेवक

मौलिक अधिकार नहीं है प्रमोशन में आरक्षण — सुप्रीम कोर्ट

10वीं और 12वीं की छात्राओं के लिऐ खुशखबरी, अब नहीं लगेगी फीस