Rajasthan News: लम्पी स्किन डिजीज के खिलाफ प्रदेश में विशेष अभियान जारी
Rajasthan News: लम्पी स्किन डिजीज के खिलाफ प्रदेश में विशेष अभियान जारी
छोटा अखबार।
प्रदेश में गौवंश में फैलने वाले वायरस जनित रोग लम्पी ने पूर्वी राजस्थान के 10 जिलों को चपेट में ले लिया है। हालांकि पशुपालन विभाग की तत्पर कार्यवाही और बड़े स्तर पर टीकाकरण के कारण स्थिति को काबू में कर लिया गया है। लेकिन खतरा अभी टला नहीं है और इसलिए विभाग पूरी मुस्तैदी से इस रोग के नियंत्रण और रोकथाम में युद्धस्तर पर लगा हुआ है।
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पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ सुरेश चंद मीना ने बताया कि विभाग की पूरी कोशिश है कि अप्रभावित जिलों में इस रोग को फैलने से रोका जा सके और प्रभावित जिलों में संक्रमित गौवंशों को जल्द से जल्द स्वस्थ किया जा सके। इसके लिए विभाग ने सभी प्रभावित जिलों में क्वारेंटाइन सेंटर बना दिए हैं जहां संक्रमित पशुओं को रखकर उनका उपचार किया जा रहा है। इससे संक्रमित पशुओं की संख्या में निरंतर कमी आ रही है। कल डीग और भरतपुर में कुछ नए केस के अलावा कहीं भी नया केस नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पशुपालकों को जागरूक करने के साथ संक्रमित पशुओं का उपचार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों की जागरूकता और विभाग की सतत निगरानी से बीमारी को नियंत्रित करने में सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। पशुपालन निदेशक श्री मीना ने पशुपालकों से अपील की कि पशुओं में रोग के प्रारंभिक लक्षण जैसे गांठ, बुखार, सुस्ती अथवा त्वचा पर असामान्य लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था से संपर्क कर तुरंत उपचार शुरु करवाएं तथा संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, पशु को अलग रखना, चिकित्सकीय उपचार और स्वच्छता लम्पी रोग के नियंत्रण में सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं
श्री मीना ने कहा कि लम्पी रोग का कोई एक निश्चित उपचार नहीं है बल्कि प्रभावित पशु को लक्षणों के आधार पर सहायक एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जाता है। पशु को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल, पौष्टिक आहार तथा आराम उपलब्ध करवाना भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने पशुपालकों से विशेष रूप से आग्रह किया कि संक्रमित पशुओं को खुले में अथवा अन्य पशुओं के साथ रखने से बचें और मक्खी मच्छर जैसे वाहक कीटों की रोकथाम के लिए साफ सफाई तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। साथ ही दवा का छिड़काव और फॉगिंग की व्यवस्था करें जिससे मक्खी मच्छर से निजात मिल सके।

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