Rajasthan News: कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति: एआई से आसान, तेज और स्मार्ट होगा विभागीय कामकाज
Rajasthan News: कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति: एआई से आसान, तेज और स्मार्ट होगा विभागीय कामकाज
छोटा अखबार।
देश के कृषि क्षेत्र को आधुनिक और सशक्त बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल क्रांति का आगाज कर दिया है। अब खेती-किसानी से जुड़े विभागीय कामकाज को आसान, तेज और स्मार्ट बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना और प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस व त्वरित बनाना है।
योजनाओं का होगा प्रभावी प्रचार-प्रसार—
अक्सर जानकारी के अभाव में दूर-दराज के किसान सरकारी लाभों से वंचित रह जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए एआई आधारित चैटबॉट्स और वॉयस असिस्टेंस टूल का उपयोग किया जाएगा। ये टूल स्थानीय भाषाओं में किसानों को सीधे उनके मोबाइल पर खेती के नए तरीकों, मौसम के पूर्वानुमान और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की सटीक जानकारी देंगे। इससे विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार अधिक लक्षित और प्रभावी तरीके से हो सकेगा।
पात्र किसानों तक सीधे पहुंचेगा लाभ—
डेटा वेरिफिकेशन और मैन्युअल फाइलों के रख-रखाव में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए एआई संचालित सॉफ्टवेयर तैनात किए जा रहे हैं। यह तकनीक सीधे भूमि रिकॉर्ड, बैंक खातों और आधार डेटा का मिलान करेगी। इससे न केवल फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी, बल्कि असली और पात्र किसानों की पहचान करना बेहद आसान हो जाएगा। पीएम-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और सब्सिडी जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के सीधे जरूरतमंद किसानों के खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।
स्मार्ट गवर्नेंस की ओर बढ़ते कदम—
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एआई के आने से फाइलों के निपटारे में लगने वाला समय 70% तक कम हो जाएगा। फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए सैटेलाइट तस्वीरों और ड्रोन डेटा को भी एआई से जोड़ा जा रहा है, जिससे मुआवजा राशि का वितरण तेज होगा। यह डिजिटल बदलाव कृषि क्षेत्र को अधिक उत्पादक, पारदर्शी और किसान-अनुकूल बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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