Jaipur News: जयपुर जिले की 19 पंचायत समितियों में प्रशासक नियुक्त: जिला कलक्टर ने जारी किए आदेश

Jaipur News: जयपुर जिले की 19 पंचायत समितियों में प्रशासक नियुक्त: जिला कलक्टर ने जारी किए आदेश


छोटा अखबार।

जयपुर जिले में पंचायती राज व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने और प्रशासनिक शून्यता को समाप्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। जयपुर के जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट संदेश नायक ने एक विशेष आदेश जारी करते हुए जिले की 19 पंचायत समितियों में प्रशासकों (एडमिनिस्ट्रेटर्स) की नियुक्ति कर दी है। जिला कलक्टर ने यह कार्रवाई राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 95 और धारा 101 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की है। इस फैसले के बाद अब संबंधित क्षेत्रों के उपखण्ड अधिकारियों को इन पंचायत समितियों की कमान सौंपी गई है।

जिला कलक्टर द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, नियुक्त किए गए सभी प्रशासकों का कार्यकाल सीमित अवधि के लिए होगा। इन प्रशासकों की नियुक्ति संबंधित पंचायत समिति के नवनिर्वाचन के पश्चात् गठित होने वाली नई पंचायत समिति की प्रथम बैठक की तिथि के ठीक पूर्ववर्ती दिन तक प्रभावी रहेगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि जब तक लोकतंत्र की स्थापित प्रक्रिया के तहत नए जनप्रतिनिधि चुनकर नहीं आ जाते और उनकी पहली आधिकारिक बैठक नहीं हो जाती, तब तक प्रशासनिक कमान पूरी तरह से इन अधिकारियों के हाथों में सुरक्षित रहेगी।

प्रशासनिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए स्थानीय उपखण्ड अधिकारियों को ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश के तहत निम्नलिखित अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया गया है:

आमेर: आमेर पंचायत समिति का कार्यभार उपखण्ड अधिकारी आमेर को दिया गया है।

आंधी और जमवारामगढ़: इन दोनों पंचायत समितियों के लिए उपखण्ड अधिकारी जमवारामगढ़ को जिम्मेदारी दी गई है।

बस्सी और तुंगा: बस्सी और तुंगा दोनों ही क्षेत्रों में उपखण्ड अधिकारी बस्सी प्रशासक की भूमिका निभाएंगे।

चाकसू और कोटखावदा: इन दोनों महत्वपूर्ण पंचायत समितियों की कमान उपखण्ड अधिकारी चाकसू को सौंपी गई है।

दूदू: दूदू पंचायत समिति का जिम्मा स्थानीय उपखण्ड अधिकारी दूदू संभालेंगे।

गोविंदगढ़: गोविंदगढ़ पंचायत समिति के लिए उपखण्ड अधिकारी चौमूं को प्रशासक नियुक्त किया गया है।

जालसू: जालसू पंचायत समिति के कार्यों के निर्वहन के लिए उपखण्ड अधिकारी रामपुरा डाबड़ी को लगाया गया है।

झोटवाड़ा: झोटवाड़ा पंचायत समिति का प्रशासनिक दायित्व उपखण्ड अधिकारी जयपुर को मिला है।जोबनेर: जोबनेर क्षेत्र में उपखण्ड अधिकारी जोबनेर को कमान दी गई है।

किशनगढ़-रेनवाल: इस पंचायत समिति में उपखण्ड अधिकारी किशनगढ़-रेनवाल को नियुक्त किया गया है।

माधोराजपुरा: यहाँ की व्यवस्था उपखण्ड अधिकारी माधोराजपुरा के हाथों में होगी।

मौजमाबाद: मौजमाबाद पंचायत समिति का कार्यभार उपखण्ड अधिकारी मौजमाबाद संभालेंगे।

फागी: फागी पंचायत समिति में उपखण्ड अधिकारी फागी को प्रशासक बनाया गया है।

सांभरलेक: सांभरलेक पंचायत समिति की जिम्मेदारी उपखण्ड अधिकारी सांभरलेक को सौंपी गई है।सांगानेर: सांगानेर पंचायत समिति के सभी प्रशासनिक कार्य अब उपखण्ड अधिकारी सांगानेर की देखरेख में होंगे।

शाहपुरा: शाहपुरा पंचायत समिति की जिम्मेदारी उपखण्ड अधिकारी शाहपुरा को दी गई है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए इस आदेश के बाद अब ये सभी अधिकारी संबंधित पंचायत समितियों के दैनिक कार्यों, बजट प्रबंधन, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और आमजन से जुड़ी समस्याओं के निवारण के उत्तरदायी होंगे। पंचायती राज अधिनियम के तहत जो शक्तियां और अधिकार चुने हुए प्रधान या समिति को प्राप्त होते हैं, उनका उपयोग अब अस्थाई तौर पर ये प्रशासक कर सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की गति धीमी नहीं होगी। सड़कों का निर्माण, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता अभियान और राज्य व केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। स्थानीय ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए अब संबंधित उपखण्ड अधिकारियों से संपर्क करना होगा। श्री नायक ने सभी नियुक्त अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे तुरंत प्रभाव से अपना कार्यभार संभालें और ग्रामीण विकास के कार्यों को पूरी पारदर्शिता व सजगता के साथ आगे बढ़ाएं।

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