RGHS NEWS: सरकार ने किया सीकर के एस.बी. मित्तल मेमोरियल हॉस्पिटल को आरजीएचएस से निलंबित

RGHS NEWS: सरकार ने किया सीकर के एस.बी. मित्तल मेमोरियल हॉस्पिटल को आरजीएचएस से निलंबित


छोटा अखबार

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में दावों की नियमित निगरानी और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। वहीं सीकर में अनियमितता के चलते एस.बी. मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल को आरजीएचएस से निलंबित किया गया है। प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि आरजीएचएस में दावों की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया लगातार सुदृढ़ की जा रही है। आरजीएचएस परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल की टीम की निगरानी के दौरान संबंधित प्रकरण में कुछ दावे प्रथमदृष्टया संदिग्ध पाए गए। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।

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उन्होने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अस्पताल में कार्यरत रहीं डॉ. अलका आर्य, बीडीएस पंजीयन संख्या 12152 ने 20 अप्रैल 2026 को अस्पताल से त्यागपत्र दे दिया था और जून 2026 से अन्य संस्था में चिकित्सा सलाहकार के रूप में कार्यरत थीं। इसके बावजूद 17 जून, 21 जून और इसके बाद की तिथियों में अस्पताल के रिकार्ड में उन्हें उपचाररत चिकित्सक के रूप में दिखाते हुए हुए उपचार विवरण प्रस्तुत किए गए। इस संबंध में रिकार्ड और दावों का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। जांच में पाया गया कि उनके नाम से 227 बाहरी रोगी और 88 भर्ती रोगी व डे-केयर उपचार विवरण प्रस्तुत किए गए। इन 88 मामलों की दावा राशि 99,327 रुपये है। सभी 315 उपचार विवरणों की कुल दावा राशि 1,42,489 रुपये दर्ज है।

श्रीमती राठौड़ ने बताया कि इनमें से 47 भर्ती रोगी और डे-केयर उपचार विवरण, जिनकी दावा राशि 43,007 रुपये थी, जाँच में निरस्त किए जा चुके हैं। शेष 41 भर्ती रोगी और डे-केयर उपचार विवरणों की दावा राशि 56,320 रुपये है। इनसे संबंधित तथ्यों का जांच के तहत परीक्षण किया जा रहा है। उन्होने बताया कि आरजीएचएस प्रशासन ने अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया। निर्धारित अवधि में नोटिस का जवाब नहीं देने पर एस.बी. मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल, सीकर को आरजीएचएस से निलंबित किया गया। प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि आरजीएचएस के अंतर्गत लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के साथ योजना की राशि का पारदर्शी, उचित और निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। चिकित्सक के नाम, मुहर, हस्ताक्षर अथवा डिजिटल पहचान के संभावित दुरुपयोग से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आरजीएचएस परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने बताया कि योजना में एआई आधारित निगरानी, आंकड़ा विश्लेषण, दावों की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के माध्यम से असामान्य और संदिग्ध पैटर्न की पहचान की जा रही है। ऐसे मामलों में संबंधित रिकार्ड का परीक्षण कर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

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