Rajasthan News: भीलवाड़ा भाजपा में टिकट वितरण पर घमासान, 70 कार्यकर्ताओं ने दिया सामूहिक इस्तीफा
Rajasthan News: भीलवाड़ा भाजपा में टिकट वितरण पर घमासान, 70 कार्यकर्ताओं ने दिया सामूहिक इस्तीफा
छोटा अखबार।
प्रदेश में नगर निकाय चुनाव का आगाज होते ही भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर घमासान चरम पर पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा जिले में पार्टी की प्रत्याशी सूची जारी होने से पहले ही कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आई है। इसके तहत टिकट वितरण में मनमानी और भाई-भतीजावाद लेकर करीब 70 भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एक साथ सामूहिक इस्तीफा दिया है। वहीं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भेजे गए इस्तीफे में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुये कहा कि वर्षों से दरी बिछाने वाले और संकट के समय संगठन को मजबूत करने वाले निष्ठावान चेहरों को दरकिनार किया जा रहा है। उनकी जगह ऐसे दावेदारों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी की जा रही है जिनका संगठन और विचारधारा या बूथ स्तर पर कोई योगदान नहीं रहा है।
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| AI Photo |
सामूहिक इस्तीफे से भाजपा के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता, जो पिछले 20 वर्षों से निरंतर पार्टी के लिए सक्रिय रहे हैं। उन्होंने संगठन के फैसले पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा "जिसने कभी बूथ का मुंह तक नहीं देखा, जिसे यह नहीं पता कि बूथ की जमीनी हकीकत क्या है, उसे टिकट क्यों दिया जा रहा है?" कार्यकर्ताओं का कहना है कि पैराशूट उम्मीदवारों और सिफारिशी चेहरों को प्राथमिकता देने से धरातल पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है। यदि समय रहते स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो आगामी निकाय चुनावों में पार्टी को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
वहीं भीलवाड़ा भाजपा में इससे पहले भी भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने टिकटों के चयन को लेकर बवाल किया था। उन्होने भाई-भतीजावाद और नेताओं की कथित मनमानी का आरोप लगाते हुये विरोध दर्ज कराया था। महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पार्टी आलाकमान को चेतावनी दी थी कि अगर बाहरी और अपरिचित चेहरों को थोपा गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगी। इस पुराने आक्रोश के बाद अब 70 पदाधिकारियों के सामूहिक इस्तीफे ने आग में घी डालने का काम किया है।
आज नामांकन का अंतिम दिन है। बगावत को देखते हुए भाजपा का प्रादेशिक नेतृत्व पूरी तरह डैमेज कंट्रोल करने के लिये सक्रिय है। जयपुर मुख्यालय में लगातार बैठकों का दौर जारी है और नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिशें जारी है। हालांकि, असंतुष्ट धड़े के तेवरों को देखकर लगता है कि इस बार केवल समझाइश से बात बनने वाली नहीं है। भीलवाड़ा का यह अंदरूनी घमासान अब प्रदेश नेतृत्व के लिए सर र्दद बना हुआ है।

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