Rajasthan News: शिक्षा पर सियासत: प्रदेश में 300 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की होगी 'घर वापसी'
Rajasthan News: शिक्षा पर सियासत: प्रदेश में 300 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की होगी 'घर वापसी'
छोटा अखबार।
राजस्थान सरकार ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लेते हुए कम नामांकन वाले 300 महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को हिंदी माध्यम में भी संचालित करने का निर्णय लिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इन स्कूलों की ब्लॉकवार सूची के साथ विद्यार्थियों के नामांकन और शिक्षकों की संख्या जारी कर दी है। इसके साथ ही, निदेशालय ने संबंधित जिला शिक्षा विभागों से 7 कार्य दिवस (सात दिन) के भीतर एक विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट और प्रस्ताव मांगे हैं।
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नवाचार के पीछे गहराया सियासी घमासान—
सरकार के इस कदम को जहां एक तरफ शैक्षिक सुधार और संसाधनों के सही इस्तेमाल के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे राजस्थान की राजनीति में एक बड़े 'सियासी वार' के तौर पर भी आंका जा रहा है। इस सूची में सबसे खास बात यह है कि प्रभावित होने वाले स्कूलों में सर्वाधिक 20 विद्यालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ (सीकर) के हैं। गौरतलब है कि डोटासरा ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में शिक्षा मंत्री रहते हुए रिकॉर्ड संख्या में महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुलवाए थे।
मदन दिलावर बनाम गोविंद सिंह डोटासरा—
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही वर्तमान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर लगातार पूर्व शिक्षा मंत्री डोटासरा पर हमलावर रहे हैं। वे कई सार्वजनिक मंचों से इन महात्मा गांधी स्कूलों की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए इन्हें बंद करने तक की बात कह चुके हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग द्वारा कम नामांकन के आंकड़ों का हवाला देकर विशेष रूप से लक्ष्मणगढ़ की सबसे अधिक स्कूलों पर हिंदी माध्यम का बोर्ड लगाने की कवायद को सीधे तौर पर मदन दिलावर के राजनीतिक हमले से जोड़कर देखा जा रहा है। विभाग के मुताबिक, इन 300 स्कूलों में छात्र संख्या बेहद कम (50 से भी कम) है, जबकि स्टाफ की संख्या आवश्यकता से अधिक जमी हुई है। अब जिला शिक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद इन स्कूलों का भविष्य और माध्यम परिवर्तन का अंतिम प्रारूप तय होगा।

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