Pachpadra Refinery:पचपदरा रिफाइनरी लगाने की श्रेय लेने पर प्रदेश में सियासी उबाल

Pachpadra Refinery:पचपदरा रिफाइनरी लगाने की श्रेय लेने पर प्रदेश में सियासी उबाल


छोटा अखबार।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे से ठीक पहले पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण को लेकर सूबे का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। बालोतरा जिले में स्थित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के श्रेय (क्रेडिट) को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है।

AI Photo

क्रेडिट की लड़ाई और जुबानी जंग—

लोकार्पण समारोह से ऐन पहले कांग्रेस और भाजपा के दिग्गजों के बीच सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का दावा है कि इस रिफाइनरी की नींव संप्रग (UPA) सरकार के समय उनके पिछले कार्यकाल में रखी गई थी, इसलिए इसका वास्तविक श्रेय कांग्रेस को जाता है। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने केवल चुनावी वादे और कागजी औपचारिकताएं कीं, जबकि डबल इंजन सरकार ने बजट आवंटन और गति देकर परियोजना को धरातल पर उतारा है।

भव्य तैयारियां और पीएम का कार्यक्रम—

इस राजनीतिक घमासान के बीच प्रशासनिक स्तर पर भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राजस्थान दौरे पर करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एकीकृत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही वे जोधपुर में नए हवाई अड्डा टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और प्रदेश को कई अन्य विकास कार्यों की सौगात देंगे। सुरक्षा के लिहाज से रिफाइनरी के आस-पास के क्षेत्र को 'नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है।

मारवाड़ की धरती से होने वाला यह लोकार्पण केवल आर्थिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि आगामी सियासी समीकरणों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रधानमंत्री इस मंच से विपक्ष के दावों पर क्या रुख अपनाते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने सोशल मीडिया पर कहा—

यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को स्वयं के राज्य की इतनी बड़ी परियोजना पचपदरा रिफाइनरी के इतिहास और शिलान्यास की बुनियादी जानकारी तक नहीं है। मीडिया के समक्ष उनका यह दावा कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था, पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से गलत है। पूर्व में रिफाइनरी में केन्द्र और राज्य की हिस्सेदारी को लेकर वे गलत बयानी कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री जी को शायद यह ज्ञात ही नहीं है कि पचपदरा रिफाइनरी का वास्तविक शिलान्यास वर्ष 2013 में ही यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी एवं तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री श्री वीरप्पा मोइली द्वारा किया जा चुका था। ये तस्वीरें उसी मौके की है।

इसके विपरीत, केंद्र सरकार और राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पांच साल तक ठंडे बस्ते में डालकर अटकाए रखा, जिससे इसकी लागत 37,000 करोड़ रुपए से दोगुनी बढ़कर लगभग 80,000 करोड़ रुपए हो गई।

राजस्थान में रिफाइनरी की स्थापना के लिए 'हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड' (एचपीसीएल) को राजी करना भी एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। सामान्यतः रिफाइनरी परियोजनाओं में राज्य सरकार की कोई हिस्सेदारी नहीं होती है, परंतु एचपीसीएल को सहमत करने के लिए राजस्थान सरकार ने दूरदर्शिता दिखाते हुए रिफाइनरी में 26% (छब्बीस प्रतिशत) की हिस्सेदारी ली। इसी के परिणामस्वरूप यह 'एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड' (एचआरआरएल) नामक संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) बना, जिसने इस रिफाइनरी का निर्माण किया है।

मुख्यमंत्री जी को यदि इतिहास की जानकारी नहीं है, तो वे सार्वजनिक रूप से गलत बयानबाजी करने के बजाय अपने अधिकारियों से सही आंकड़े और दस्तावेज मंगवाकर पढ़ लें।

 

Comments

Popular posts from this blog

सरकार का सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग फेल, रुपयों में छपवानी पड़ रही है, बजट घोषणा की प्रेस विज्ञप्ती

देश में 10वीं बोर्ड खत्म, अब बोर्ड केवल 12वीं क्‍लास में

आज शाम 7 बजे व्यापारी करेंगे थाली और घंटी बजाकर सरकार का विरोध

रीको में 238 पदों की होगी सीधी भर्ती सरकार के आदेश जारी 

ग्राम पंचायत स्तर पर युवाओं को मिलेगा रोजगार

फ़ार्मा कंपनियां डॉक्टरों को रिश्वत में लड़कियां उपलब्ध कराती हैं — प्रधानसेवक

मौलिक अधिकार नहीं है प्रमोशन में आरक्षण — सुप्रीम कोर्ट

10वीं और 12वीं की छात्राओं के लिऐ खुशखबरी, अब नहीं लगेगी फीस