Jaipur News: अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित के लिए सरकार मुस्तैद —प्रमुख शासन सचिव

Jaipur News: अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित के लिए सरकार मुस्तैद —प्रमुख शासन सचिव 

 

छोटा अखबार।

प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग ने प्रभावी मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके लिये जयपुर के जे.के. लोन अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, उनकी गुणवत्ता और वहां तैनात कार्मिकों की कार्यप्रणाली को जांचने के लिए एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया।

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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बमाया कि इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक को समय पर और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, जिसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। निरीक्षण दल ने जे.के. लोन अस्पताल के सेंट्रल स्टोर, ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर और लोकल सप्लायरों के स्टॉक का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं के रख-रखाव, एक्सपायरी डेट और वितरण प्रणाली की बारीकी से जांच की गई। डॉ. शुभमंगला ने बताया कि लोकल परचेज के माध्यम से क्रय की गई औषधियों की सत्यता जांचने के लिए 6 विभिन्न दवाओं के नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत जांच के लिए राजकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही दवाओं की वास्तविक गुणवत्ता का पता चल सकेगा। उन्होने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर प्रशासनिक और व्यवस्थागत अनियमितताएं भी सामने आई हैं, जिनके संबंध में संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों में उपलब्ध और मरीजों को मुफ्त या सशुल्क वितरित की जा रही सभी औषधियां निर्धारित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। डॉ. शुभमंगला ने चेतावनी दी कि यदि प्रयोगशाला परीक्षण में कोई भी औषधि 'नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी' यानी अमानक पाई जाती है, तो उसे तुरंत प्रभाव से बाजार और अस्पताल से वापस लिया जाएगा। इसके वहीं घटिया दवा की सप्लाई करने वाले संबंधित दवा निर्माता और स्थानीय आपूर्तिकर्ता के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रासंगिक नियमों के तहत कठोर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होने कहा कि अस्पताल प्रबंधन और सेवाओं को आधुनिक व मरीज-अनुकूल बनाने के लिए केवल निरीक्षण ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसी के तहत अस्पताल के 50 चुनिंदा कार्मिकों को एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है।

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