Rajasthan News: राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते पर प्रदेश की सियासत में फिर आया उबाल
Rajasthan News: राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते पर प्रदेश की सियासत में फिर आया उबाल
छोटा अखबार।
राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल समझौते को लेकर मरुधरा की सियासत में एक बार फिर भारी उबाल आ गया है। राज्य सरकार द्वारा हरियाणा के साथ किए गए नए मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) के प्रावधानों को सार्वजनिक न किए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने वर्तमान भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर प्रदेश के जल अधिकारों को गिरवी रखने और जनता के हितों का समर्पण करने का गंभीर आरोप लगाया है।
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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर राज्य सरकार की गोपनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यमुना जल समझौते को लेकर साइन किया गया नया MoA आश्चर्यजनक रूप से अभी तक गुप्त रखा गया है। गहलोत के अनुसार, राजस्थान की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उनके हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण दस्तावेज में किन शर्तों पर सहमति बनी है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर सरकार इस समझौते की कॉपियां जनता के सामने रखने से क्यों बच रही है?
इस राजनीतिक हमले पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए तीखा पलटवार किया। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विशेष प्रयासों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मध्यस्थता से यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह नया समझौता 1994 के मूल यमुना जल समझौते की निरंतरता में ही किया गया है, जिससे राजस्थान के हिस्से का पानी सुनिश्चित होगा। भाजपा ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने और विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों की इस बयानबाजी ने प्रदेश के राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

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