C M NEWS: प्रदेश में दशकों से चल रहा यमुना जल विवाद का हुआ स्थायी समाधान
C M NEWS: प्रदेश में दशकों से चल रहा यमुना जल विवाद का हुआ स्थायी समाधान
छोटा अखबार।
दशकों से लंबित यमुना जल विवाद का आखिरकार स्थायी समाधान हो गया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राजस्थान और हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन हेतु एक ऐतिहासिक मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण समझौते के बाद अब राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र (चूरू, सीकर और झुंझुनू) को उनके हक का यमुना जल मिल सकेगा।
नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आधिकारिक तौर पर इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट मॉडल—
केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस समझौते को सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते में दोनों राज्यों के बीच वित्तीय जिम्मेदारी, जल आवंटन और मानसून के दौरान जल छोड़ने के कड़े प्रोटोकॉल को शामिल किया गया है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने इसे अंतरराज्यीय जल संसाधन प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बताते हुए कहा कि ऊपरी यमुना बेसिन की प्रमुख भंडारण परियोजनाओं से क्षेत्र की सिंचाई और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति होगी।
भूमिगत पाइपलाइन से पहुंचेगा पानी—
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संवेदनशीलता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से इस तीन दशक पुराने विवाद को नया जीवन मिला है। उन्होंने बताया कि हथिनीकुंड बैराज से लगभग 295 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से यमुना का पानी सीधे राजस्थान लाया जाएगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस परियोजना को साकार करने में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया और कहा कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पानी की पहुंच सुनिश्चित करना दोनों राज्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
निर्माण के लिए बनेगी स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV)परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए राजस्थान सरकार ने अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केन्द्रीय जल बोर्ड को भेज दी है। वहीं हरियाणा सरकार ने भी पाइपलाइन अलाइनमेंट को अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। इस पूरी परियोजना के सुचारू निर्माण, संचालन और रखरखाव के लिए 'राजस्थान हरियाणा यमुना वाटर एसपीवी' (RHYW-SPV) का गठन किया जाएगा।

Comments