Rajasthan News: जन विश्वास को बहाल करने के उद्देश्य से कार्य करना होगा —शासन सचिव, सहकारिता
Rajasthan News: जन विश्वास को बहाल करने के उद्देश्य से कार्य करना होगा —शासन सचिव, सहकारिता
छोटा अखबार।
सहकारिता विभाग में बैंकिंग क्षेत्र में जन विश्वास को बहाल करने के उद्देश्य शासन सचिव डाॅ. समित शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को नेहरू सहकार भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों की राज्य स्तरीय समीक्षा करते हुये चर्चा की जिसमें सहकार से समृद्धि कार्यक्रम के क्रियान्वयन, सहकारिता में सहकार, राज्य सरकार की बजट घोषणाएं और 1949 एक्ट की पालना जैसे कार्य शामिल थे।
डाॅ. शर्मा ने कहा कि योजनाओं की जानकारी किसानों, पशुपालकों, महिलाओं, युवाओं तक पहुंचाया जाये ताकि ये लाभ ले सके। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सहकारी बैंकों को वार्षिक लक्ष्य तय करना चाहिए और लक्ष्यों के विरूद्ध प्रतिमाह आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने के भी निर्देश प्रदान किए। वहीं समस्त बैंकों और उनकी शाखाओं के कार्मिकों को एईबीएएस प्रणाली के अंतर्गत पंजीकरण कर नियमित रूप से उपस्थित दर्ज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने केन्द्रीय सहकारी बैंकों के कार्यों के प्रभावी निष्पादन को केपीआई के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी प्रदान किए। इनका उद्देश्य कार्यालयों, शाखाओं और उनके क्षेत्राधीन पैक्स के सुशासन, वित्तीय अनुशासन, निरीक्षण और पर्यवेक्षण, शिकायत निस्तारण, विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करना है। केपीआई (की-परफोरमेंस-इण्डीकेटर्स) के आधार पर सीसीबी बैंक और उनकी शाखाओं को रैंकिंग दी गई है। बैंकों की रैंकिंग में कोटा सीसीबी प्रथम स्थान पर, झालावाड सीसीबी द्वितीय स्थान पर और भीलवाडा सीसीबी तृतीय स्थान पर रहा।
श्री शर्मा ने जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों के द्वारा सहकार से समृद्धि के तहत किये जा रहे कार्य यथा पैक्स का कम्प्यूटराइजेशन, पैक्स के व्यवसाय के विविधिकरण करने, एम-पैक्स में नये सदस्य बनाने, उन्हें ऋण वितरण करने, आई4सी और सीजीटीएमएसई की सदस्यता, सहकारिता में सहकार योजना के तहत दुग्ध उत्पादक समितियों के सहकारी बैंकों में खाते खोलने, बैंक मित्र बनाने, माइक्रो एटीएम के माध्यम से डोर-स्टेप बैंकिंग की सुविधा देने बजट घोषणा में फसली ऋण वितरण, गोपाल क्रेडिट कार्ड, स्वंय सहायक समूहों सहित अन्य बैंकिंग एक्टिविटीज की समीक्षा की।
उन्होने बताया कि सभी ऋणी कृषकों का फसल बीमा 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से किया जाए और प्रदेश की सभी एम-पैक्स पर सीएचसी, पीएमकेएसके जैसी सभी सेवाएं सुचारू और त्वरित करने के निर्देश भी दिए। वहीं सभी बैंको को एनपीए के स्तर को कम से कम करने और कृषकों को गुणवत्ता पूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

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