Rajasthan News: प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और आपूर्ति निरंतर जारी —कृषि मंत्री

Rajasthan News: प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और आपूर्ति निरंतर जारी —कृषि मंत्री 


छोटा अखबार।

राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों व ब्लॉकों को चिन्हित कर प्रदेश भर में प्राथमिकता के साथ पूर्ण पारदर्शिता से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। उर्वरकों की कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी प्रदेश भर में पूर्ण सतर्कता से कार्य कर रहे हैं। 

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कृषि मंत्री डॉ. किरोडी लाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित कर प्रदेश की मांग अनुसार उर्वरकों की आपूर्ती करवाई जा रही है। राज्य के किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु खरीफ 2026 में अप्रेल से अगस्त तक भारत सरकार द्वारा आवंटित 9 लाख 28 हजार मैट्रिक टन यूरिया के विरुद्ध 01 अप्रेल 2026 को उपलब्ध स्टॉक सहित वैश्विक संकट होने के बावजूद भी अब तक 12 लाख 29 हजार मैट्रिक टन की उपलब्धता की गई है एवं अगस्त 2026 की शेष अवधि में 1 लाख 33 हजार मैट्रिक टन यूरिया की ओर आपूर्ति करवायी जायेगी।

वहीं खरीफ 2026 में अप्रेल से अगस्त तक भारत सरकार द्वारा 3 लाख 80 हजार मैट्रिक टन डीएपी की मांग के विरुद्ध 01 अप्रेल 2026 को उपलब्ध स्टॉक सहित अब तक 2 लाख 92 हजार मैट्रिक टन की उपलब्धता की गई है। देश में आयातित डीएपी की आपूर्ति मध्‍य एशिया युद्ध होने के कारण बाधित रही है। हालांकि अगस्त 2026 की शेष अवधि में 1 लाख मैट्रिक टन डीएपी की ओर आपूर्ति सुनिश्चित करवायी जायेगी। डीएपी की कम आपूर्ति होने से डीएपी के वैकल्पिक उर्वरक 1 लाख 49 हजार मैट्रिक टन एनपीके एवं 3 लाख 50 हजार मैट्रिक टन एसएसपी की उपलब्‍धता करवायी गई। इस प्रकार कृषकों को मांग अनुसार फास्फेटिक उर्वरक कुल 7 लाख 91 हजार मैट्रिक टन उपलब्ध करवाये गये है। 

 डॉ. किरोडी ने बताया कि राज्‍य में कृषकों को अनुदानित उर्वरकों की उपलब्‍धता और पारदर्शी वितरण के लिये उर्वरक विक्रय की नवीन ऑनलाईन डिजिटल प्रणाली राज्‍य के सिरोही एवं राजसमंद जिलों में पायलेट प्रोजेक्‍ट के रूप में चालू की गयी है, जिसमें अब तक 68 हजार कृषकों ने 10 हजार मैट्रिक टन उर्वरक क्रय किये है। नयी प्रक्रिया में कृषक बिना लाईन में लगे खेत से ऑनलाईन बुकिंग कर क्‍यू.आर.कोड से बोई गई फसल की वैज्ञानिक सिफारिश अनुसार उर्वरक क्रय करने की सुविधा दी गयी है। नयी प्रणाली से डीलर की मनमानी, कालाबाजारी, टैगिंग व डायर्वजन पर प्रभावी रोक लगेगी। यह नवीन प्रणाली शीघ्र ही राज्‍य के अन्‍य जिलों में भी प्रारम्‍भ की जायेगी। राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 25 जून है। वर्ष 2026 में मानसून 2 जुलाई 2026 को सक्रिय हुआ तथा 9 जुलाई 2026 तक सम्पूर्ण राज्य को कवर कर लिया गया। 


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