Rajasthan News: पशुपालकों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई —पशुपालन मंत्री

Rajasthan News: पशुपालकों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई —पशुपालन मंत्री


छोटा अखबार

राजस्थान के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में गुरुवार को पशुपालन विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्री कुमावत ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार की मुख्य प्राथमिकता पशुपालकों की आय में वृद्धि करना, पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना और नवाचार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं का लाभ हर हाल में प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

मंगला पशु बीमा योजना की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी—

समीक्षा बैठक के दौरान राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'मंगला पशु बीमा योजना' और 'सेक्स सॉर्टेड सीमन' के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान (एआई) कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की गई। पशुपालन मंत्री ने मंगला पशु बीमा योजना की अब तक की धीमी प्रगति पर कड़ा रुख अपनाते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

15 जुलाई तक लक्ष्य पूरा करने के सख्त निर्देश—

श्री कुमावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में वर्तमान में चल रहे ग्रामीण सेवा शिविरों का पूरा उपयोग किया जाए। उन्होंने इन शिविरों के माध्यम से 15 जुलाई तक निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के स्पष्ट और सख्त आदेश दिए। मंत्री ने कहा कि जो अधिकारी समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने में विफल रहेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेहतर परिणाम तभी आएंगे जब अधिकारी शिविरों की पूर्व तैयारी गंभीरता से करेंगे।विभागीय समन्वय पर दिया जोरलक्ष्यों को आसानी से पूरा करने के लिए पशुपालन मंत्री ने अपने विभाग और स्टेट इंश्योरेंस एंड प्रोविडेंट फंड (SIPF) विभाग को आपस में मजबूत समन्वय और तालमेल के साथ काम करने की हिदायत दी।

समीक्षा के दौरान संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़, पशुपालन निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीना, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे। इसके अलावा, विभिन्न जिलों के अतिरिक्त निदेशक, संयुक्त निदेशक और पशु चिकित्सा अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए जुड़े रहे।

Comments