Rajasthan News: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को पीपीपी मॉडल पर देने के लिये हुई उच्चस्तरीय समीक्षा
Rajasthan News: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को पीपीपी मॉडल पर देने के लिये हुई उच्चस्तरीय समीक्षा
छोटा अखबार।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव विजय नेहरा की अध्यक्षता में शुक्रवार को नई दिल्ली में स्वास्थ्य क्षेत्र में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के क्रियान्वयन पर एक विस्तृत प्रजंटेशन सह-समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत सरकार के प्रतिनिधि द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में सफलतापूर्वक संचालित पीपीपी मॉडल, वित्तीय सहायता तंत्र और राजस्थान में स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में राजस्थान सरकार का प्रतिनिधित्व चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त बाबूलाल गोयल, चिकित्सा शिक्षा विभाग की उप निदेशक डॉ. वंदना शर्मा और राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के ओएसडी डॉ. अजीत सिंह वित्त विभाग (व्यय) की संयुक्त सचिव डॉ. भारती दीक्षित वरिष्ठ अधिकारियों ने उपस्थित होकर किया। बैठक के दौरान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए पीपीपी मॉडल को प्रभावी रूप से लागू करने की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
इस दौरान बताया गया कि पीपीपी मॉडल के माध्यम से राज्य में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, रेडियोलॉजी व पैथोलॉजी जांच सेवाएं, डायलिसिस सेंटर, कार्डियक केयर सुविधाएं, टेलीमेडिसिन, मेडिकल ट्रांसपोर्टेशन और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और निवेश का लाभ उठाया जा सकता है।
बैठक में भारत सरकार की योजनाओं की भी जानकारी दी गई। इनके माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र की पीपीपी परियोजनाओं को वित्तीय व तकनीकी सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें व्यावहारिक और सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि राजस्थान में राज्य की आवश्यकताओं और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पीपीपी मॉडल के विभिन्न विकल्पों का अध्ययन कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए, ताकि आमजन को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण व सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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