Rajasthan News: राजस्थान में समान नागरिक संहिता की तैयारी: प्रारूप समिति का गठन, आदिवासियों के रीति-रिवाज रहेंगे सुरक्षित

Rajasthan News: राजस्थान में समान नागरिक संहिता की तैयारी: प्रारूप समिति का गठन, आदिवासियों के रीति-रिवाज रहेंगे सुरक्षित


छोटा अखबार।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने 'समान नागरिक संहिता' (UCC) लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 'राजस्थान समान नागरिक संहिता, 2026' का विधेयक तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगी अध्यक्षता—

इस महत्वपूर्ण समिति की कमान उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है। समिति के अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह, राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबा, राजकीय विधि महाविद्यालय (श्रीगंगानगर) के सेवानिवृत्त प्राचार्य रामस्वरूप अग्रवाल और डॉ. शुचि चौहान शामिल हैं। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को इस समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

आदिवासी समाज को मिलेगी संवैधानिक सुरक्षा—

मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 44 (नीति निर्देशक तत्व) के तहत देश के सभी नागरिकों के लिए समान कानून की भावना को लागू किया जा रहा है। कैबिनेट की बैठक में 14 अप्रैल, 2026 को इस विषय पर सार्थक कार्यवाही का निर्णय लिया गया था। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि यूसीसी के तहत आदिवासी समुदाय के पारंपरिक रीति-रिवाजों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा और उन्हें मजबूत संवैधानिक सुरक्षा मिलेगी।

आम जनता से लिए जाएंगे सुझाव—

विधेयक के प्रारूप को पारदर्शी और समावेशी बनाने के लिए समिति प्रदेश के सभी संभागों में जाकर जन-संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसके अलावा, राज्य के आम नागरिक एक विशेष वेबसाइट के माध्यम से सीधे समिति को अपने बहुमूल्य सुझाव और आपत्तियां भेज सकेंगे। सरकार का दावा है कि इस ऐतिहासिक कानून से प्रदेश के विकास को एक नई दशा और दिशा मिलेगी।

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