Rajasthan News: भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेसवे के रूट को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

Rajasthan News: भरतपुर-ब्यावर एक्सप्रेसवे के रूट को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी


छोटा अखबार।

प्रस्तावित भरतपुर-ब्यावर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के सर्वे को लेकर दौसा जिले के लालसोट उपखंड क्षेत्र में भारी विरोध शुरू हो गया है। एक्सप्रेसवे के वर्तमान रूट से नाराज खेमावास, टोडाठेकला, पट्टी किशोरपुरा और खेडला खुर्द ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने उपखंड अधिकारी (एसडीओ) विजेंद्र कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपकर एक्सप्रेसवे का रूट बदलने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे हाईवे जाम कर उग्र आंदोलन करेंगे।

AI Photo

बाँध क्षेत्र शामिल होने से फूटा गुस्सा—

ग्रामीणों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के नए सर्वे में बिनोरी स्थित दक्षिण सागर बांध और बिनोरी सागर बांध क्षेत्र को शामिल किया गया है। ये दोनों जलाशय ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) से जुड़े हुए हैं। हाल ही में इन्हें आपस में जोड़कर इनकी जलभराव क्षमता को बढ़ाया गया है।

संकट में 5 लाख लोगों का जीवन—

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इन दोनों बांधों पर लालसोट और बामनवास तहसील के 25 से 30 गांवों की आबादी निर्भर है। इससे करीब पांच लाख लोगों को पीने का पानी, हजारों मवेशियों को आसरा और लगभग पांच हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का पानी मिलता है। यदि एक्सप्रेसवे यहाँ से गुजरता है, तो यह जलस्रोत पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे।

रूट बदलने की मांग—

जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि पर्यावरण और जनहित को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे का रूट बांध क्षेत्र से हटाकर किसी अन्य स्थान पर निर्धारित किया जाए। ग्रामीणों ने साफ कहा कि प्रशासन ने समय रहते इस पर उचित निर्णय नहीं लिया, तो क्षेत्र के किसान और आमजन सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।

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