Rajasthan News: 'ऑटो अपडेट' मोड पर होगा जनआधार कार्ड, सरकारी दफ्तरों और ई-मित्र के चक्करों से मिलेगी मुक्ति
Rajasthan News: 'ऑटो अपडेट' मोड पर होगा जनआधार कार्ड, सरकारी दफ्तरों और ई-मित्र के चक्करों से मिलेगी मुक्ति
छोटा अखबार।
राजस्थान सरकार ने आमजन को बड़ी राहत देते हुए जनआधार कार्ड में दर्ज व्यक्तिगत विवरणों को 'ऑटो-अपडेट' करने की ऐतिहासिक व्यवस्था लागू कर दी है। इस नए डिजिटल सिस्टम के शुरू होने से अब प्रदेश के नागरिकों को अपने जनआधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि, लिंग और वैवाहिक स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विवरणों को सुधरवाने के लिए सरकारी दफ्तरों या ई-मित्र केंद्रों की कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। यह पूरी प्रक्रिया अब पूरी तरह से स्वचालित (ऑटोमैटिक) कर दी गई है।
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पहचान पोर्टल से हुआ सीधा जुड़ाव, ऐसे काम करेगा नया सिस्टम—
राज्य सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने जनआधार पोर्टल को सीधे पहचान पोर्टल (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) से लिंक कर दिया है।
तत्काल अपडेट: जैसे ही किसी नागरिक का नया जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र या विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी होगा, उसका डेटा अपने आप जनआधार सर्वर पर अपडेट हो जाएगा।दस्तावेजों से मुक्ति: इसके लिए परिवार के किसी भी सदस्य को अलग से कोई ऑनलाइन आवेदन करने या नए दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी।
जनता को होने वाले मुख्य लाभ—
समय और पैसे की बड़ी बचत: ई-मित्र पर लगने वाली कतारों, सर्विस चार्ज और बार-बार होने वाले मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी।
त्रुटिहीन डेटाबेस: पहचान पोर्टल के आधिकारिक और सत्यापित डेटा से सीधे सिंक होने के कारण मानवीय टाइपिंग की गलतियों की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
सरकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ—
जनआधार डेटा हमेशा अपडेट रहने से बुजुर्गों की पेंशन, विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति और चिरंजीवी/आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ बिना किसी तकनीकी रुकावट के तुरंत मिलने लगेगा।
पहले और अब में अंतर—
पहले: प्रमाण पत्र बनने के बाद नागरिकों को ई-मित्र जाकर जनआधार में सुधार के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था, जिसमें हफ्तों का समय लगता था।
अब: प्रमाण पत्र जारी होते ही बैकएंड से डेटा स्वतः अपडेट हो जाएगा, जिससे 'डेटा मिसमैच' के कारण रुकने वाले सरकारी लाभ तुरंत चालू रहेंगे।
सरकार के इस कदम से न केवल प्रशासनिक काम-काज में पारदर्शिता आएगी, बल्कि प्रदेश में "मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस" और डिजिटल सुशासन के संकल्प को जमीनी मजबूती मिलेगी।

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