Rajasthan News: नकली बीज रिश्वतकांड को लेकर सियासी घमासान तेज, छापे की आड़ में कृषि मंत्री पर डोटासरा ने लगाया उगाही का आरोप
Rajasthan News: नकली बीज रिश्वतकांड को लेकर सियासी घमासान तेज, छापे की आड़ में कृषि मंत्री पर डोटासरा ने लगाया उगाही का आरोप
छोटा अखबार।
राजस्थान में नकली बीज रिश्वतकांड को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस मामले में एसीबी ने अब तक 2.44 करोड़ रुपये की भारी नकदी जब्त की है, जिसके बाद विपक्ष (कांग्रेस) सरकार पर हमलावर हो गया है।
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| AI Photo |
छापे की आड़ में उगाही का आरोप—
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया है कि कृषि विभाग की हालिया छापामार कार्रवाइयों का असल मकसद कार्रवाई का डर दिखाकर करोड़ों रुपये की कमीशनखोरी और अवैध उगाही करना था। विपक्ष का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी पूर्व में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के साथ कई जिलों में हुई छापेमारी के दौरान मौजूद थे। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कृषि मंत्री की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कृषि मंत्री की दोटूक—
"दोषी पाए जाने पर दूंगा इस्तीफा" चौतरफा हमलों के बीच कृषि मंत्री मीणा ने विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि, "जांच में यदि मेरा किसी भी आरोपी या अवैध गतिविधि से तिल भर भी संबंध सामने आता है, तो मैं तत्काल मंत्री पद छोड़ने और खुद की गिरफ्तारी तक के लिए तैयार हूँ।" उन्होंने साफ किया कि सरकार ने किसानों के हित के लिए नकली खाद-बीज के खिलाफ अभियान चलाया था और वे किसी भी भ्रष्टाचारी का समर्थन नहीं करते।
क्या है पूरा मामला?—
मुख्य कार्रवाई: एसीबी ने लूणकरणसर में एक निजी बस को रुकवाकर जुगल किशोर के भांजे स्वतंत्र विश्नोई से 85 लाख रुपये बरामद किए थे।
घर से बरामदगी: इसके बाद निदेशक जुगल किशोर विश्नोई के बीकानेर स्थित आवास की तलाशी में 1.59 करोड़ रुपये नकद मिले।
सांठगांठ का खेल: प्रारंभिक जांच के अनुसार, गुजरात की एक कंपनी के 'गजराज' ब्रांड मूंगफली बीजों पर लगे प्रतिबंध को हटाने, सैंपल लैब से पास करवाने और मामले को दबाने के एवज में यह करोड़ों की रिश्वत ली गई थी।
फिलहाल कोर्ट ने आरोपियों को 12 जून तक एसीबी की कस्टडी में भेज दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से जहां प्रशासनिक महकमे में हड़कंप है, वहीं आने वाले दिनों में राजस्थान की सियासत और गरमाने के पूरे आसार हैं।

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