Rajasthan News: भर्ती परीक्षा में नकल कर नौकरी पाने वाली महिला लिपिक को किया राजकीय सेवा से बर्खास्त
Rajasthan News: भर्ती परीक्षा में नकल कर नौकरी पाने वाली महिला लिपिक को किया राजकीय सेवा से बर्खास्त
छोटा अखबार।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग कर सरकारी नौकरी हथियाने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। आयोग ने कनिष्ठ सहायक/लिपिक ग्रेड-II संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में बड़े पैमाने पर नकल कर चयनित हुई महिला लिपिक सरोज बिश्नोई को तत्काल प्रभाव से राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
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| AI Photo |
निलंबित चल रही लिपिक ग्रेड-I सरोज बिश्नोई लगभग 6 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुकी थीं। हालांकि, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच और विभागीय कार्यवाही में यह प्रमाणित हो गया कि उन्होंने ब्लूटूथ और पेपर लीक नेटवर्क के माध्यम से परीक्षा पास की थी। आयोग ने इस कृत्य को राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 का गंभीर उल्लंघन माना है।
सेवा नियमों की अवहेलना और सत्यनिष्ठा का अभाव—
आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, सरोज बिश्नोई का यह कृत्य एक सरकारी कर्मचारी के रूप में घोर अनैतिकता और सत्यनिष्ठा के अभाव को दर्शाता है। यह सेवा नियमों का स्पष्ट और गंभीर उल्लंघन है।
नियम 3 का उल्लंघन: राजस्थान सिविल सेवा आचरण नियम के 'नियम 3' के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को हर समय उच्च स्तर की सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता बनाए रखनी होती है। सरोज बिश्नोई का आचरण इस नियम के सर्वथा विपरीत और अशोभनीय पाया गया।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत—
जांच से बचने के लिए आरोपित कार्मिक ने राजस्थान उच्च न्यायालय (जयपुर पीठ) में याचिका दायर कर विभागीय जांच पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ किया कि प्रशासनिक शुचिता बनाए रखने के लिए आपराधिक मुकदमा और विभागीय जांच दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का समर्थन किया। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए सेवा समाप्ति का अंतिम आदेश जारी कर दिया।

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