Rajasthan News: प्रदेश में कोस्ट शेयरिंग मॉडल पर चमकेगी 38 औद्योगिक क्षेत्रों की सूरत
Rajasthan News: प्रदेश में कोस्ट शेयरिंग मॉडल पर चमकेगी 38 औद्योगिक क्षेत्रों की सूरत
छोटा अखबार।
राजस्थान में औद्योगिक विकास की गति को तेज करने और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए रीको (RIICO) तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने एक बड़ी पहल की है। राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए दोनों विभाग मिलकर 'कोस्ट शेयरिंग मॉडल' (Cost Sharing Model) पर काम करेंगे। इसके तहत प्रदेश की 38 महत्वपूर्ण एप्रोच सड़कों का विकास, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
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| AI Photo |
290 करोड़ रुपये का होगा निवेश—
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 205 किलोमीटर लंबी सड़कों का कायाकल्प होगा। इस पर लगभग 290 करोड़ रुपये की कुल लागत आने का अनुमान है। वित्तीय व्यवस्था के अनुसार, इस खर्च का 50 प्रतिशत भाग रीको द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा लगाई जाएगी। सड़कों के निर्माण और सुधार का पूरा कार्य पीडब्ल्यूडी के माध्यम से ही पूरा किया जाएगा।
16 जिलों के उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ—
इस पहल से राज्य के 16 प्रमुख जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इन सड़कों के सुधरने से आबूरोड, अजमेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चुरू, दौसा, जयपुर, जालौर, झालावाड़, कोटा, नीमराना, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर और उदयपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या दूर होगी।
परिवहन होगा सुगम, बढ़ेगा व्यापार—
रीको के अधिकांश औद्योगिक क्षेत्र राज्य राजमार्गों से जुड़े हुए हैं। सड़कों की स्थिति बेहतर होने से उद्योगों के लिए कच्चे माल को फैक्ट्री तक लाने और तैयार उत्पादों को बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। इस सुगम परिवहन से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि माल भाड़े में भी कमी आएगी, जिससे राजस्थान के उत्पाद बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।

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