Jaipur News: गोविंददेवजी मंदिर में ‘नानी बाई रो मायरा’ कथा के दौरान मची भगदड़
Jaipur News: गोविंददेवजी मंदिर में ‘नानी बाई रो मायरा’ कथा के दौरान मची भगदड़
छोटा अखबार।
गोविंददेवजी मंदिर के सत्संग भवन में आयोजित प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी की तीन दिवसीय ‘नानी बाई रो मायरा’ कथा का समापन शुक्रवार को भारी अव्यवस्था और हंगामे के बीच हुआ। कथा के अंतिम दिन उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे मंदिर प्रशासन और सुरक्षा प्रबंधन के सारे दावे खोखले साबित हुए। हालात इस कदर बिगड़ गए कि परिसर में प्रवेश को लेकर जबरदस्त धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कई महिला श्रद्धालु गिरते-गिरते बची।
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| AI Photo |
शुक्रवार सुबह 9:30 बजे से ही कथा स्थल पर भक्तों का हुजूम जुटना शुरू हो गया था। दोपहर 11 बजे तक सत्संग भवन के बाहर मील लंबी कतारें लग चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात बाउंसर्स की घोर लापरवाही ने स्थिति को और नाजुक बना दिया। सुरक्षाकर्मियों ने मुख्य द्वार को पूरा खोलने के बजाय उसका एक छोटा सा हिस्सा ही खोला, जिससे संकरे रास्ते पर अचानक दबाव बढ़ गया। इस कारण एंट्री पॉइंट पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।अव्यवस्था यहीं नहीं थमी, वहां तैनात कुछ बाउंसर्स द्वारा श्रद्धालुओं के साथ बदसलूकी और अभद्र व्यवहार करने के मामले भी सामने आए। चिलचिलाती गर्मी में घंटों लाइनों में खड़े बुजुर्गों और महिलाओं को सुरक्षाकर्मियों के आक्रामक रवैये का सामना करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम ने मंदिर प्रबंधन की दूरदर्शिता और प्रशासनिक क्षमता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
जब आयोजकों को पहले से अंदाजा था कि जया किशोरी की कथा में भारी भीड़ उमड़ेगी, तो सीमित क्षमता वाले सत्संग भवन में इस भव्य कार्यक्रम की अनुमति क्यों और किस आधार पर दी गई? वीआईपी कल्चर को तवज्जो देने के चक्कर में आम भक्तों की सुरक्षा को पूरी तरह दाव पर लगा दिया गया। कुल मिलाकर, भक्ति का यह बड़ा केंद्र शुक्रवार को कुप्रबंधन का अखाड़ा बनकर रह गया, जिससे श्रद्धालुओं में भारी रोष है।

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