Political News: हनुमान बेनीवाल ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को भेजा कानूनी नोटिस, मचा सियासी हड़कंप
Political News: हनुमान बेनीवाल ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को भेजा कानूनी नोटिस, मचा सियासी हड़कंप
छोटा अखबार।
राजस्थान की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के बीच जुबानी जंग अब कानूनी लड़ाई में तब्दील हो गई है। नागौर सांसद और आरएलपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ को एक मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। इस कदम के बाद मरुधरा के राजनीतिक हलकों में सरगर्मी बेहद तेज हो गई है। बेनीवाल ने राठौड़ के बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
दिल्ली की एक लॉ फर्म के माध्यम से भेजे गए इस नोटिस में कहा गया है कि 30 मई को एक सार्वजनिक कार्यक्रम और मीडिया संवाद के दौरान मदन राठौड़ ने हनुमान बेनीवाल के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। राठौड़ ने कथित तौर पर कहा था कि बेनीवाल का 'सामाजिक बहिष्कार' किया जाना चाहिए। नोटिस के मुताबिक, इस तरह के शब्दों का प्रयोग पूरी तरह से मानहानिकारक है और इससे बेनीवाल की सामाजिक व राजनीतिक प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचा है।
आरएलपी प्रमुख ने इस बयान को लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के सामाजिक बहिष्कार की बात करना पूरी तरह असंवैधानिक है। वर्तमान दौर में जब खाप पंचायतें भी इस तरह के फैसले नहीं लेतीं, तब सत्ताधारी दल के एक जिम्मेदार पद पर बैठे नेता का ऐसा बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कुचामन में आरएलपी कार्यकर्ताओं द्वारा मदन राठौड़ की कार को काले झंडे दिखाए गए और उग्र प्रदर्शन किया गया। इसके बाद राठौड़ ने बेनीवाल समर्थकों पर अराजकता फैलाने और हमला करने की मंशा रखने का गंभीर आरोप लगाया था। फिलहाल, बेनीवाल के इस कानूनी कदम पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन इस नोटिस ने प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप के दौर को और अधिक तीखा कर दिया है।

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