RGHS NEWS: आरजीएचएस की नई गाइडलाइन लागू: ₹2,000 से अधिक की ओपीडी जांच के लिए पोर्टल पर लेनी होगी पूर्व मंजूरी
RGHS NEWS: आरजीएचएस की नई गाइडलाइन लागू: ₹2,000 से अधिक की ओपीडी जांच के लिए पोर्टल पर लेनी होगी पूर्व मंजूरी
छोटा अखबार
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के लाभार्थियों के लिए आज सोमवार, 13 जुलाई से ओपीडी जांचों के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, अब सरकारी व संबद्ध अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को ₹2,000 तक की नियमित ओपीडी जांचों के लिए किसी भी प्रकार की पूर्व अनुमति (प्री-ऑथराइजेशन) की आवश्यकता नहीं होग।
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₹2,000 से अधिक की जांच पर नियम सख्त—
यदि डॉक्टर द्वारा लिखी गई नियमित ओपीडी जांचों की कुल लागत ₹2,000 से अधिक होती है, तो संबंधित अस्पताल को अनिवार्य रूप से आरजीएचएस पोर्टल पर प्री-ऑथराइजेशन के लिए आवेदन करना होगा। इस प्रक्रिया के तहत अस्पताल को डॉक्टर की पर्ची, मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, पुरानी जांच रिपोर्ट और जांच कराने का स्पष्ट चिकित्सकीय कारण ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इस कदम का उद्देश्य अनावश्यक जांचों और ओवर-बिलिंग पर रोक लगाना है।
समयसीमा हुई तय, देरी होने पर ऑटो-अप्रूवल—
मरीजों को होने वाली परेशानी से बचाने के लिए मंजूरी की प्रक्रिया को समयबद्ध किया गया है। नए नियमों के तहत:
अर्जेंट मामले: थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टीपीए) को 1 घंटे के भीतर अपनी मंजूरी देनी होगी।सामान्य मामले: टीपीए को निर्णय लेने के लिए अधिकतम 3 घंटे का समय मिलेगा।
ऑटो-अप्रूवल: यदि निर्धारित समय में टीपीए कोई फैसला नहीं लेता है, तो अनुरोध स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा।
आपातकालीन मरीजों को मिलेगी पूरी राहत—
गंभीर और आपातकालीन (इमरजेंसी) परिस्थितियों में मरीजों को इस कागजी प्रक्रिया से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। अस्पताल बिना किसी पूर्व अनुमति के मरीज की तत्काल जांच और उपचार शुरू कर सकेंगे。 हालांकि, इलाज शुरू करने के बाद अस्पताल को आवश्यक क्लिनिकल दस्तावेज और चिकित्सकीय औचित्य आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड करना होगा। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी।

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