Rajasthan News: प्रसूताओं की मृत्यु पर राज्य सरकार गंभीर, स्वास्थ्य मंत्री ने 'स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ की समीक्षा
Rajasthan News: प्रसूताओं की मृत्यु पर राज्य सरकार गंभीर, स्वास्थ्य मंत्री ने 'स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ की समीक्षा
छोटा अखबार।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा है कि प्रदेश में प्रसूताओं की मृत्यु की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार अत्यंत संवेदनशील और चिंतित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा और बांसवाड़ा के सरकारी अस्पतालों में हुई प्रसूताओं की मृत्यु के पीछे कोई एक समान कारण नहीं था। ये सभी उच्च जोखिम वाले मामले थे, जो अलग-अलग क्षेत्रों से रेफरल केस के माध्यम से गंभीर स्थिति में भर्ती हुए थे।
सोमवार को जयपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में 'स्त्री रोग विशेषज्ञों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने हालिया घटनाओं की समीक्षा की। विशेषज्ञों के अनुसार, इन प्रसूताओं की मृत्यु के मुख्य कारणों में एनीमिया, हाई ब्लड प्रेशर, प्रसवोत्तर रक्तस्राव और कुपोषण जैसी गंभीर समस्याएं शामिल रहीं। अत्यधिक हाई बीपी के कारण प्रसूताओं के लीवर और किडनी फेल होने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हुईं, जिससे दुर्भाग्यवश एक के बाद एक मौतें हुईं।स्वास्थ्य मंत्री ने कम समय में हुई इन मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक घटना को पूरी गंभीरता से ले रही है और मातृ स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने भूतकाल का संदर्भ देते हुए बताया कि वर्ष 2011 में जोधपुर में तीन दिन के भीतर 18 प्रसूताओं की और वर्ष 2011-12 में जयपुर में 8 प्रसूताओं की लगातार मृत्यु हुई थी, जिनका कारण एक ही था। इसके विपरीत, वर्तमान मामलों में सभी महिलाओं की मृत्यु के कारण अलग-अलग हैं।
राहत की बात यह है कि राज्य में मातृ मृत्यु दर में लगातार गिरावट आई है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में मातृ मृत्यु का आंकड़ा 1,094 था, जो वर्ष 2024-25 में घटकर 986 और वर्ष 2025-26 में और कम होकर 824 रह गया है। इस प्रकार, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में मातृ मृत्यु की घटनाओं में लगभग 25 प्रतिशत की महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है।

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