Rajasthan News: ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए राजस्थान में आज से राज्यव्यापी डिजिटल सर्वेक्षण शुरू
Rajasthan News: ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए राजस्थान में आज से राज्यव्यापी डिजिटल सर्वेक्षण शुरू
छोटा अखबार।
राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग द्वारा प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का आकलन करने के लिए आज, 10 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक एक व्यापक राज्यव्यापी डिजिटल सर्वेक्षण आयोजित किया जा रहा है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में, आयोग ओबीसी वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति और स्थानीय निकायों में उनके प्रतिनिधित्व का एक 'समसामयिक और अनुभवजन्य अध्ययन' कर रहा है।
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'राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप' से जुटेगा डेटा—
आयोग के सचिव अशोक कुमार जैन ने बताया कि सर्वेक्षण का पूरा कार्य पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपादित किया जाएगा। इसके लिए आयोग द्वारा विशेष रूप से विकसित 'राजधारा सर्वे मोबाइल ऐप' का उपयोग किया जा रहा है। इस अभियान के लिए प्रदेशभर में लगभग 51,168 प्रगणक नियुक्त किए गए हैं, जो निर्धारित प्रपत्र के अनुसार घर-घर जाकर ओबीसी परिवारों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं का संकलन करेंगे।
सर्वेक्षण के मुख्य उद्देश्य—
तथ्यात्मक आँकड़ों का संकलन: ओबीसी वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति की सटीक जानकारी जुटाना।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व का आकलन: स्थानीय निकायों (ग्रामीण और शहरी) में ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित अद्यतन आँकड़े एकत्र करना।
वैज्ञानिक अनुशंसाएँ: इन विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर आयोग राज्य सरकार को स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के निर्धारण हेतु विधिसम्मत और वैज्ञानिक सिफारिशें सौंपेगा।
पारदर्शिता और गुणवत्ता नियंत्रण—
आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आयोग स्तर पर संपूर्ण प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और कड़ा गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। इस डिजिटल पहल से राज्य के सभी जिलों में बिना किसी त्रुटि के डेटा संकलन का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सकेगा, जिससे आगामी स्थानीय चुनावों के लिए नीतिगत निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

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